बस्ती। कप्तानगंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के पूर्व विधायक सीए चंद्र प्रकाश शुक्ल ने गोरखपुर के टाइम सिटी प्रोजेक्ट में निवेशकों से धोखाधड़ी मामले से पल्ला झाड़ लिया है। महराजगंज स्थित अपने कार्यालय पर प्रेसवार्ता में चंद्र प्रकाश शुक्ल ने बताया कि 15 सितंबर 2017 से पहले वह कंपनी के अवैतनिक निदेशक और 25 प्रतिशत शेयर होल्डर थे।
वह कंपनी के चार्टर्ड एकाउंटेंट के तौर पर काम देखते थे। उनका कहना है कि 2017 से ही उस कंपनी के निदेशक पद से वह इस्तीफा देकर अपना शेयर बाकी निदेशकों को सौंप चुके हैं।
पूर्व विधायक का कहना है कि अब उस कंपनी से इनका कोई वास्ता नहीं है। अब उस कंपनी को पूरी तरह पंकज पाठक, संतोष सिंह और सुशील कुमार मिश्रा चला रहे हैं। सितंबर 2019 में मेरे छोटे भाई दीप चंद्र शुक्ला ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया था।
पूर्व विधायक ने कहा कि बहुत सारे निवेशकों को जमीन देने को कहा गया था मगर न तो उन्हें जमीन दी गई और न ही उनका पैसा वापस किया गया। इसलिए गोरखपुर प्रयागराज से और लखनऊ में एक दर्जन से ज्यादा केस दर्ज कराए गए हैं। इन लोगों पर नौ केस बाराबंकी में दर्ज हैं। उनका कहना है कि गोरखपुर के कुछ निवेशकों ने न्यायालय के आदेश पर केस दर्ज कराया है,जिसमें उनकी नामजदगी सरासर गलत है। कहा कि गोरखपुर में झूठा केस दर्ज कराया गया है।
पूर्व विधायक ने कहा कि विरोधी मुझे दबाने के लिए नए-नए तरीके अख्तियार कर रहे हैं। कंपनी के निदेशक संतोष कुमार सिंह ने पूर्व विधायक सीपी शुक्ल व उनके परिवार के खिलाफ गुडंबा थाने में केस दर्ज करवाया था लेकिन पुलिस की जांच में आरोप फर्जी निकला।