गैंगस्टर व अपहरण के केस में कुर्की की कार्रवाई झेल रहे पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की तरफ से कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी गई है। एमपीएमएलए कोर्ट में दी गई अर्जी में दलील दी गई है कि केस में उनका नाम पुलिस ने राजनैतिक दबाव की वजह से शामिल किया है।
इस पर विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट प्रमोद कुमार गिरि ने आठ जुलाई को सुनवाई की तारीख तय की है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश को संबोधित नोटरी शपथपत्र देकर अमर मणि त्रिपाठी की तरफ से कहा गया है कि केस के वादी की मौत हो चुकी है।
पीड़ित राहुल मद्धेशिया की तरफ से 21 जून को कोर्ट में स्वयं हाजिर होकर सुलहनामा दाखिल किया गया है। कहा गया है कि उसके अपहरण में अमरमणि त्रिपाठी की भूमिका नहीं है। अमरमणि को जानता-पहचानता नहीं हूं और न कभी मिला हूं।
यह भी कहा है कि जो आपराधिक इतिहास पुलिस दिखा रही है, उनमें से अधिकतर केस समाप्त हो चुके हैं। ऐसे में अपील की गई है कि गैंगस्टर व अपहरण समेत अन्य केस में गैर जमानती वारंट जारी है। इसलिए पुलिस कभी भी गिरफ्तार कर सकती है। ऐसे में अग्रिम जमानत स्वीकार की जाए। सुनवाई के लिए अगली तारीख आठ जुलाई तय की गई है।
कुर्की में सुनवाई आज
व्यापारी राहुल मद्धेशिया अपहरण केस में फरार चल रहे पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की संपत्तियों की दोबारा जांच के आदेश में कोर्ट में आज सुनवाई होगी। कोर्ट ने पिछली तारीख पर कोतवाली पुलिस को गोरखपुर और लखनऊ में अमरमणि की संपत्तियों की दोबारा जांच का आदेश दिया था।
21 जून को विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट प्रमोद कुमार गिरि ने आदेश में कहा है कि यदि कोई अन्य संपत्ति पाई जाए तो उसे भी कुर्क करके छह जुलाई तक कुर्की कुलिंदा कोर्ट में प्रस्तुत करें।