फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्षों के बागी तेवर

Tue, 24 Jan 2017 11:44 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
विज्ञापन
भाजपा से टिकट न मिलने के कारण कार्यकर्ताओ ने बैठक करके दिया अल्टीमेटम।
विज्ञापन
भाजपा प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद जिले की राजनीति में भूचाल आ गया है। पार्टी के कई पूर्व जिला अध्यक्षों समेत प्रमुख नेताओं ने सांसद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश नेतृत्व को शिकायत कर 28 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया है कि पुनर्विचार नहीं किया गया तो नेतृत्व को अपनी शक्ति का अहसास दिलाएंगे। 
विज्ञापन

  मंगलवार को सीएमएस स्कूल में गुस्साए भाजपा नेताओं ने बैठक की। पूर्व जिला अध्यक्ष दयाशंकर मिश्रा ने कहा कि टिकट वितरण में पांचों विधानसभा क्षेत्रों में निष्ठावानो की उपेक्षा की गई। टिकट के लिए दल बदलने वाले न तो भाजपा में रहेंगे और न ही उनकी निष्ठा। सांसद ने चार दिन से फोन बंद कर रखा है। सांसद यदि सच्चे हैं तो उन लोगों के साथ खड़े रहते जिन्हें टिकट दिलाने का वादा किया था। पूरे मामले में उनकी भूमिका संदिग्ध है। पूर्व जिला अध्यक्ष यशकांत सिंह ने कहा कि कार्यकर्ता ही स्थानीय चेहरा होते हैं। उनकी अनदेखी का परिणाम कभी भी अच्छा नहीं रहा है। पांचों विधानसभा क्षेत्र में एक भी सीट कार्यकर्ताओं को नहीं दी गई। 28 को यह तय हो जाएगा कि नेतृत्व को गुमराह करना कितना महंगा पड़ेगा। पूर्व जिला अध्यक्ष सुशील सिंह ने कहा कि कार्यकर्ताओं को हासिए पर लाकर पार्टी नेतृत्व ने अच्छा नहीं किया है।
सदर सीट से प्रबल दावेदार अनूप खरे ने पूरे प्रकरण में सांसद को दोषी करार दिया। कहा कि उन्होंने सिर्फ कार्यकर्ताओं को सिर्फ इस्तेमाल किया। टिकट देने की बात आई तो ऐसे लोगों के समर्थन में खड़े हो गए जो कभी पार्टी के प्रति निष्ठावान नहीं कहे जा सकते। सांसद को इसका मोल चुकाना होगा। कप्तानगंज सीट के दावेदार गीता शुक्ला का दर्द मीडिया के सामने छलक गया। 
विज्ञापन

कहा कि 33 फीसदी आरक्षण का दंभ भरने वाली भाजपा ने कई सालों मेहनत पर पानी फेर दिया। रुधौली से पूर्व में प्रत्याशी रहे व टिकट के दावेदार संजय चौधरी ने सांसद हरीश द्विवेदी पर प्रदेश नेतृत्व को गुमराह व कार्यकर्ताओं के शोषण का आरोप लगाया। सदर सीट से दावेदार रहे प्रमोद उर्फ गिल्लम चौधरी, नरेंद्र त्रिपाठी चंचल, चंद्रमणि पांडेय, देवेंद्र सिंह, विनोद शुक्ला आदि ने भी सांसद के प्रति गुस्सा जताया। इस दौरान चंद्रशेखर मुन्ना, ममता पांडेय, सत्येंद्र शुक्ला जिप्पी, फणींद्र भूषण पाल, बलराम सिंह, बलराम सिंह, अनिल पांडेय, अभिषेक पाल के प्रतिनिधि सरोज मिश्र समेत सैकड़ों लोग रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें