दशहरा और मोहर्रम के जुलूस को लेकर चल रही रस्साकशी के बीच सोमवार को अधिकारियों ने भारी फोर्स लेकर शहर में रूट मार्च किया। ताकि आम-आवाम में इस टशन के चलते कोई आशंका न पैदा हो। मार्च का नेतृत्व कर रहे एएसपी रोहित मिश्र ने बताया कि फोर्स व आम लोगों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए वे सड़क पर उतरे।
असल में मोहर्रम के नौवीं और दशहरा व ज्योति यात्रा जुलूस का समय एक होने से प्रशासन दुविधा में है। उधर पुरानी बस्ती के गांवगोड़िया के ताजियारादानों ने मुहर्रम की दसवीं अर्थात 12 अक्टूबर का ताजिया जुलूस न निकालने पर अड़ा है। उनके जिम्मेदारों ने 12 को अपने हाथों में काली पट्टी बांधकर खामोशी से तुरबा (प्रतीक स्वरूप) का जुलूस निकालने का एलान किया है। इस विसंगति को दूर करने के लिए तमाम तैयारी की गई है। इसी क्रम में सोमवार को देर शाम एएसपी के नेतृत्व में सीओ सिटी एसएन सिंह, कोतवाल डीके श्रीवास्तव, पुरानी बस्ती प्रभारी निरीक्षक रवींद्र गौतम,एएसपी हेड पेशी सत्य प्रकाश यादव के अलावा गांधीनगर चौकी इंचार्ज पंकज पांडेय, कंपनी बाग प्रभारी आलोक राय, दक्षिण दरवाजा संजय शाही, रोडवेज विजय यादव सहित भारी तादाद में पुलिस-पीएसी के जवान रूट मार्च में शामिल हुए।