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पति ने मायके जाने से रोका तो फंदा लगाकर दे दी जान

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पकड़ी छब्बर गांव में मृतका की छत पर मौजूद ग्रामीण व पुलिस। - फोटो : BASTI
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पति ने मायके जाने से रोका तो फंदा लगाकर दे दी जान
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बहादुरपुर (बस्ती)। मायके जाने से मना करना पत्नी को इतना नागवार गुजरा कि उसने फंदा लगाकर जाने दे दी। मामला कलवारी थाना क्षेत्र के पकड़ी छब्बर गांव का है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया।
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पकड़ी छब्बर निवासी संतोष की पत्नी का पांच वर्ष पहले निधन हो गया था। उसके दो वर्ष बाद संतोष की दूसरी शादी संतकबीरनगर जिले के परसा सेमरियावां की रीना से हुई। पहली पत्नी से दो बच्चे भी हैं। संतोष ने पुलिस को फोन पर बताया कि रात में उसकी दूसरी पत्नी रीना का मोबाइल पर फोन आया। उसकी एक बहन मायके परसा सेमरियावां संतकबीर नगर जा रही थी। इसलिए रीना भी बहन के साथ ही मायके जाना चाहती थी। पति ने यह कहते हुए मना कर दिया कि अभी कुछ दिन पूर्व ही तो आई हो। संतोष के 12 वर्षीय बेटे राज ने बताया कि प्रत्येक दिन सुबह मम्मी उसे जगाती थीं। आज वह काफी देर तक नहीं आई तो वह ऊपर गया। सीढ़ी पर लगे दरवाजे के बाहर खड़े होकर काफी देर तक पुकारा किंतु कोई जवाब नहीं मिला। उसके बाद वह नीचे जाकर अपनी बड़ी मम्मी के मोबाइल से फोन किया तो घंटी बजती रही लेकिन फोन रिसीव नहीं हो रहा था। इसकी सूचना उसने मुंबई में मौजूद अपने पापा संतोष को दी। पिता के बताए अनुसार राज बगल के छत से कमरे के पास जाकर रोशनदान से झांका तो रीना का शव फंदे से लटक रहा था। संतोष ने यह सूचना ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि सरोज चौधरी को दी। सूचना मिलते ही सरोज चौधरी मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। कुछ ही देर में थानाध्यक्ष विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। आसपास के लोगों की मदद से दरवाजा तोड़वाकर शव को नीचे उतारा। क्षेत्राधिकारी कलवारी अनिल कुमार सिंह ने भी घटना स्थल का निरीक्षण किया। सीओ के मुताबिक, शव देखने से आत्महत्या का मामला लग रहा है। वैसे मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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