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Basti News: पहली बार गोयल फार्मा पर 15,696 शीशी कोडीनयुक्त सिरप की हुई थी बरामदगी

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बस्ती। कोडीनयुक्त कफ सिरप के धंधे को बनारस, रांची और लखनऊ से संचालित करने वाले सिंडीकेट का तार बस्ती सभीजुड़ा रहा। यहां थोक व फुटकर दवा एजेंसियों पर लंबे समय तक कोडीनयुक्त सिरप का खरीद-फरोख्त किया गया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी।
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बस्ती में पहला मामला 22 नवंबर 2026 को पकड़ में आया था। विभाग के उच्च पदस्थ अधिकारियों के फरमान पर औषधि निरीक्षक ने पुरानी बस्ती क्षेत्र के पांडेय बाजार में स्थित गोयल फार्मा एजेंसी पर छापा मारा था। यहां गोदाम में 15,696 बॉटल कोडीनयुक्त सिरप बरामद हुई थी। इस मामले में पुरानी बस्ती थाने में फर्म के मालिक खुशबू गोयल पत्नी शंकर गोयल, आपूर्तिकर्ता मेसर्स मेगा लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट नगर, लखनऊ के अज्ञात मालिकों तथा फर्म के पार्टनर ऋत्विक गोयल निवासी अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
इसके ठीक 17 दिन बाद 9 दिसंबर 2026 को कोडीनयुक्त सिरप के खरीद-फरोख्त का दूसरा बड़ा मामला सामने आया था। विभाग मुख्यालय से इसकी भी सूचना स्थानीय अधिकारियों को दी गई थी। जांच में पता चला था गणपति फार्मा ने चार थोक दवा एजेंसियों से 1.72 लाख शीशी कोडीनयुक्त सिरप की आपूर्ति की थी। इसे किन रिटेलर फर्मों के जरिये बाजार में खपाया गया, यह अब तक उजागर नहीं हुआ।
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इस मामले में औषधि निरीक्षक ने कोतवाली में गणपति फार्मा के कथित मालिक पंकज कुमार निवासी दुर्गा मंदिर चौराहा हंडिया पुरानी बस्ती के नाम प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी। गणपति फार्मा का मालिक मास्टरमाइंड निकला। उसने अपने नाम की आईडी पर कूटरचना कर फर्जी पता अंकित करा लिया था। इसके आधार पर विभाग से ड्रग लाइसेंस जारी कराया था।
वहीं ऑनलाइन आवेदन कर एक्साइज से जीएसटी नंबर भी ले लिया था। संबंधित फर्म के जरिये बस्ती में लंबे समय से वह कोडीनयुक्त सिरप खपाने का धंधा संचालित करता रहा। जांच में गणपति फार्मा से जुड़े कई अन्य दवा कारोबारी भी इस धंधे में शामिल पाए गए हैं।
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