केले की सब्जी खाने से एक ही परिवार के छह लोगों को उल्टी दस्त शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ती देख ग्रामीणों ने एंबुलेंस सेवा को फोन किया। एंबुलेंस ने सभी बीमारों को पीएचसी बनकटी पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सक के मुताबिक सभी की हालत अब सामान्य है। डॉ. धर्मेन्द्र चौधरी ने इसे फूड प्वाइजनिंग करार दिया है।
विकास खंड के गंगौरी गांव के रामनयन के घर के लोग आधी रात को उल्टी दस्त करने लगे। पूरा परिवार बीमार हो गया। इसकी भनक जैसे ही ग्रामीणों को हुई तत्काल उन्होंने एंबुलेंस को फोन किया। जहां एंबुलेंस ने सन्नो(22), नीलम(30), अर्चना(18), गुड़िया(18), भोलू(13), नन्दनी(8) को पीएचसी पहुंचाया। चिकित्सक के मुताबिक परिवार के मुखिया रामनयन ने बताया है कि मंगलवार की शाम को घर में लगे केले के पेड़ से तोड़े गए फल की सब्जी सभी ने खाई थी। आधी रात को अचानक बच्चों के पेट में दर्द शुरू हो गया। जब तक हम लोग कुछ समझते तब तक इन्हें उल्टी दस्त शुरू हो गया।
एमओआईसी डॉ. धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि खाने के छह घंटे में पेट दर्द के बाद उल्टी दस्त फूड प्वाइजनिंग से ही होता है। ऐसे में सभी का इलाज यही मानकर किया जा रहा है। वैसे अब स्थिति सामान्य है।