बस्ती। इन दिनों ट्रेनों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। बाराबंकी प्रखंड में रेल लाइन के दोहरीकरण के चलते लखनऊ-गोरखपुर के बीच अधिकतर ट्रेनों का संचलन ठप कर दिया गया है। इधर कुछ ट्रेनों का आवागमन बहाल हुआ तो उनकी रफ्तार कोहरे ने घटा दी। रेलवे स्टेशन पर ठिठुरन भरी ठंड में यात्रियों को घंटों ट्रेनों का इंतजार करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को सात ट्रेनें काफी विलंब से पहुंची और दो निरस्त हो गईं।
लखनऊ वाया गोंडा-गोरखपुर होकर गुजरने वाली ट्रेनों का शेड्यूल अभी सही नहीं हुआ है। रेलवे ने 15 जनवरी तक इस रूट पर मेगा ब्लॉक कर दिया है। इधर कुछ ट्रेनों की आवाजाही शुरू हुई है। मगर, उनके समयबद्ध चलने की व्यवस्था नहीं बन पाई है। कोहरे के चलते इन ट्रेनों का शेड्यूल और बिगड़ गया है। बृहस्पतिवार को अप और डाउन मिलाकर सात ट्रेनें निर्धारित समय से काफी विलंब होकर रेलवे स्टेशन पर पहुंचीं।
डाउन ट्रेनों में सत्याग्रह एक्सप्रेस 2.20 घंटे, कुशीनगर 5 घंटे, बाघ एक्सप्रेस 1:40 घंटे, गोरखपुर सुपरफास्ट 3 घंटे, अवध एक्सप्रेस 4:45 घंटे, गोरखपुर राप्तीसागर एक घंटे विलंब से पहुंची। जबकि आम्रपाली अप भी एक घंटे विलंब से आई। इसके अलावा अंत्योदय एक्सप्रेस और छपरा सुपरफास्ट डाउन समेत दो ट्रेन निरस्त कर दी गईं। इससे कुछ यात्रियों को वापस जाना पड़ा।
ट्रेनों के संचलन की स्थिति खराब होने से यात्रियों का रुख सड़क मार्ग की ओर हो गया है। मगर, यात्रियों की बढ़ी भीड़ को रोडवेज डिपो नहीं झेल पा रहा है। डिपो के बेड़े में दो दर्जन बसें ही भौतिक एवं यांत्रिक रूप से दुरुस्त हैं। इन्हीं बसों को लखनऊ, कानपुर और दिल्ली तक दौड़ाया जा रहा है। यात्रियों की संख्या के मुताबिक यह बस सेवा नाकाफी हैं। विवश होकर लोग हाईवे पर चलने वाली निजी बसों में महंगा किराया देकर लंबी दूरी की यात्रा कर रहे हैं।