दूसरे दिन भी कोहरे ने सूरज पर लगाया ग्रहण
बस्ती। कड़ाके की ठंड से जूझ रहे जनमानस को सोमवार को भी कोई राहत नहीं मिली। लगातार दूसरे दिन कोहरे और शीतलहर के कारण सूर्य नहीं निकले। इससे ठिठुरन बढ़ गई। न्यूनतम तापमान तो स्थिर रहा, लेकिन अधिकतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 14 और न्यूनतम तापमान साढ़े छह डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वातावरण में 84 प्रतिशत आर्द्रता रही। पूरे दिन कोहरा नहीं छंटा।
सड़कों और बाजारों में कम लोग नजर आए। स्कूल और दफ्तरों में उपस्थिति प्रभावित हुई। काफी लोग देर से दफ्तर पहुंचे। बाजार में भी दुकानें देर से खुलीं और जल्दी बंद हो गईं। घरों में भी गृहणियों को रोजमर्रा के काम निपटाने में काफी परेशानी हुई।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ लगातार सक्रिय रहने से उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रवाह कम नहीं हो रहा है। पहाड़ों पर जबरदस्त बर्फबारी हो रही है, इसलिए वहां से होकर मैदानी क्षेत्र में आ रही हवा के साथ सर्दी भी पहुंच रही है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉक्टर अमरनाथ मिश्र ने बताया कि औसत तापमान में गिरावट जारी रहेगी। जब तक मौसम का कोई नया सिस्टम नहीं बन जाता तब तक ठंड बनी रहेगी। मंगलवार को भी दो से पांच किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-पश्चिमी हवा चलेगी।
इस तरह करें ठंड का बचाव
शरीर के तापमान को संतुलित रखने के लिए गलती से भी भूखे पेट ना रहें। ज्यादा गर्म या ठंडा पानी न पीएं। खाने में तिल, मूंगफली, ड्राईफ्रूट और अदरक का इस्तेमाल करें। इससे शरीर गर्म रहेगा। जिन लोगों को हार्ट और बीपी की दिक्कत है, वे सुबह बाहर न जाएं। कमरे से बाहर निकलने से पहले गर्म कपड़े पहन लें। थोड़ा व्यायाम अवश्य करें, लेकिन भारी एक्सरसाइज न करें। खाने में नमक की मात्रा सीमित रखें। अलसी के बीज और तेल का भी इस्तेमाल करें। सर्दी में प्यास कम लगती है, लेकिन आपको खूब पानी पीना चाहिए। विटामिन सी का सेवन करें। इससे इम्युनिटी मजबूत होती है। संतरा, नींबू, मौसमी और आंवला शामिल करें।
परेशान रहे अधिवक्ता व वादकारी
अवकाश के बाद सोमवार को कचहरी खुली, मगर अधिवक्ता और वादकारी ठंड से परेशान रहे। दूर से आने वाले वादकारियों को ज्यादा दिक्कत हुई। कचहरी परिसर में जल रहे अलाव के इर्द-गिर्द बड़ी संख्या में लोग घेरे रहे। चाय की दुकानों पर भीड़ देखी गई।
आलू पर संकट के बादल
इस मौसम में आलू पर झुलसा रोग का संकट मंडराने लगा है। उपनिदेशक कृषि डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि आलू के अच्छे उत्पादन के लिए झुलसा पर नियंत्रण जरूरी है। इस समय अगैती, पिछैती आलू की फसल में झुलसा रोग लगने की आशंका है। आलू उत्पादक जिंक, मैंगनीज, कार्बोंनेट 2.0 से 2.5 किग्रा को 800-1000 लीटर पानी या मैकोजैब 2.5 किग्रा 800 से 1000 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।
सावधान रहें 40 वर्ष से ऊपर के लोग
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. दीपक चौरसिया का कहना है इस मौसम में 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में हृदय रोग, दमा जैसी बीमारी होने पर अधिक सावधानी की आवश्यकता होती है। बच्चों में सर्दी, खांसी, जुकाम की आशंका रहती है। सर्दी से बचाव के लिए गर्मपेय व खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। शाम होने पर गर्म कपड़े पहनकर ही घर से बाहर निकलें। लहसुन व अदरक का सेवन निर्धारित मात्रा में करना लाभदायक साबित होता है।