बाढ़ पीड़ितों को बाढ़ खंड और प्रशासन की सुस्त पहल नहीं आ रहा रास, मान-मनौव्वल के बाद माने
सरयू की कटान से मईपुर और मदरहवा का अस्तित्व खतरे में
संवाद न्यूज एजेंसी
गायघाट (बस्ती)। कलवारी-रामपुर तटबंध के दक्षिण स्थित बैराड़ी एहतमाली के मईपुर और महुआपार कला के मदरहवा गांव में सरयू नदी की कटान जारी है। इससे दोनाें गांव का अस्तित्व खतरे में आ गया है। बाढ़ खंड और प्रशासन की ओर से कटान की रोकथाम के लिए पहल नहीं होने से ग्रामीण नाराज हो गए। मंगलवार को बाढ़ पीड़ितों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान रामजानकी मार्ग पर जाम लगाया गया।
कृषि योग्य भूमि, मकान, पेड़ अचानक नदी की सरयू की धारा में विलीन होते जा रहे हैं। नदी कटान करते-करते दोनों गांव के मुहाने पर पहुंच चुकी है। प्रशासन की तरफ से बचाव कार्य न होने से ग्रामीण खफा हैं। गायघाट तिराहे पर लोग एकत्र होकर रामजानकी मार्ग पर धरना शुरू कर दिया। इससे रास्ता जाम हो गया। सूचना के बाद एसडीएम सदर शत्रुहन पाठक, नायब तहसीलदार वीर बहादुर सिंह, क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार त्रिपाठी, थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह मय फोर्स मौके पर पहुंचे। जाम हटवाने के लिए अधिकारियों ने मान-मनौव्वल शुरू किया।
गुस्साए ग्रामीण सीडीओ से बात करने पर अड़े रहे। बाढ़ पीड़ितों ने कहा कि जब कटान गांव से पांच सौ मीटर की दूरी पर थी, तभी बाढ़ खंड व जिला प्रशासन से गांव के अस्तित्व को बचाने की गुहार लगाई गई थी। मगर, ध्यान नहीं दिया गया। अब कटान होते-होते नदी गांव तक पहुंच गई है। कभी भी गांव का अस्तित्व खत्म हो सकता है। लोगों ने मांग उठाई कि स्थायी समाधान के लिए कलवारी-रामपुर तटबंध के उत्तर सरकारी जमीन पर आवासीय पट्टा देकर बाढ़ पीड़ितों को विस्थापित किया जाए। इस बीच महादेवा विधायक दूधराम भी पहुंच गए। एसडीम शत्रुहन पाठक ने कटान रोकने के लिए तत्काल बोल्डर की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद आंदोलनकारी धरना खत्म पर राजी हुए। तब जाकर राम जानकी मार्ग का आवागमन बहाल हो सका।
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नदी की धारा में विलीन हो चुके हैं दो छप्पर के घर
सरयू की कटान में मदरहवा पुरवे के रामभवन पासवान और मनीष पासवान का छप्पर का रिहायशी घर धारा में विलीन हो चुका है। इसके अलावा अन्य मकान भी कटान की जद में आने वाले हैं। कुछ ग्रामीणों ने भयवश अपनी गृहस्थी ही उजाड़ ली। लोग घरों का सामान अपने रिश्तेदारों के यहां शिफ्ट कर दिए हैं। मकान खाली कर सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है।
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कटान का जायजा लेने पहुंचे अधिकारी
क्षेत्रीय विधायक, एसडीएम सदर समेत सभी अधिकारी धरना खत्म कराने के बाद मदरहवा गांव पहुंचे। यहां कटान का जायजा लिया गया। इसके बाद तत्काल प्लाॅस्टिक की बोरी में रेत और ईंट भरकर गिराना शुरू किया गया। मौके पर मौजूद जिम्मेदारों ने बाढ़ पीड़ितों को आश्वस्त किया कि तीन दिन के अंदर पट्टा कर जमीन का आवंटन शुरू कर दिया जाएगा।