- वर्ष 2023 में 2810 रुपये में तैयार किए गए थे पैकेट
- आपूर्ति विभाग ने 2883 रुपये प्रति पैकेट की दर से टेंडर प्रक्रिया पूरी की
- हर बाढ़ पीड़ित परिवार को दिया जाएगा चावल-दाल समेत अन्य सामान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। चौतरफा बढ़ी महंगाई का असर बाढ़ राहत की सामग्री पर पड़ा है। तीन वर्ष में बाढ़ पीड़ित परिवारों को दी जाने वाली राहत पैकेट की लागत लगभग दो गुना बढ़ गई है। पिछले वर्ष से 73 रुपये कीमत बढ़ी है। आपूर्ति विभाग ने 2883 रुपये प्रति पैकेट की दर से टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली है है। इसकी पहली खेप जल्द ही बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचाने की व्यवस्था बनाई जा रही है।
इस बार बाढ़ पीड़ितों के लिए जिला प्रशासन ने 2883 रुपये का राहत पैकेट मुफ्त में उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, जबकि पिछली बार यह पैकेट 2810 रुपये में तैयार किए गए थे। यही नहीं वर्ष 2021 में 1687 रुपये प्रति पैकेट की खरीदारी हुई थी। इस बार बाढ़ पीड़ितों के लिए जिला प्रशासन प्रति पैकेट 73 रुपये मंहगा खरीदारी करेगा।
हर साल सैकड़ों परिवार बाढ़ की विभीषिका झेलते हैं। जिला प्रशासन आपूर्तिकर्ता एजेंसी से राहत पैकेट खरीद कर बाढ़ पीड़ित परिवारों को मुफ्त में राहत पैकेट उपलब्ध कराता है। अगर बाढ़ की स्थिति लगातार स्थिर रहती है तो दोबारा मुफ्त पैकेट वितरित किए जाते हैं।
राहत पैकेट में अलग-अलग रहेगी सामग्री
शासनादेश व डीएम के आदेशानुसार इस धनराशि में दो पैकेट व अलग से सामग्री शामिल की गई है। पहले पैकेट में पांच किलो लाई, दो किलो भूना चना, एक किलो गुड़, दस पैकेट बिस्कुट, एक पैकेट माचिस, एक पैकेट बड़ी मोमबत्ती व दो नहाने का साबुन दिया जाएगा। इसके अलावा दूसरे पैकेट में दस किलो आटा, दस किलो चावल, दो किलो अरहर दाल, एक किलो नमक, 200 ग्राम हल्दी पाउडर का पैकेट, सौ ग्राम मिर्च पैकेट, 200 ग्राम सब्जी मसाला व एक लीटर सरसों का तेल दिया जाएगा। इसके अलावा अलग से जालीदार बोरे में दस किलो आलू, पानी के लिए 20 लीटर का गैलन व 120 वर्ग फिट का मोटा तिरपाल दिया जाएगा।
राहत पैकेट आपूर्ति करने वाली एजेंसी को गुणवत्तायुक्त सामग्री उपलब्ध कराने की हिदायत दी गई है। साथ ही कम से कम पांच सौ राहत पैकेट हर समय रिजर्व रखा जाएगा।
- सत्यवीर सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी