बाढ़ का कहर, तटबंध बनी शरणस्थली
सरयू नदी का जलस्तर 78 सेमी ऊपर पहुंचने से स्थित खराब
दुबौलिया (बस्ती)। सरयू नदी की बाढ़ से ब्लॉक क्षेत्र के 13 गांव मैरुंड हो गए हैं। 22 गांवों में नदी का पानी घुस गया है। ग्रामीण गृहस्थी का सामना, मवेशी आदि लेकर तटबंध पर पलायन कर रहे हैं। यहां तिरपाल या पन्नी तान कर रात गुजार रहे हैं। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार जलस्तर खतरे के निशान 92.73 मीटर से 78 सेमी यानी 93.51 मीटर पहुंच गया है।
माझा-देवारा गंगबरार व माझा-ऐहतमाली, दिलाशपुर गांव का भरपुरवा मैरुंड हो चुका है। पानी घरों में घुसने से ग्रामीण सामान समेट कर तटबंध पर शरण लिए हैं। प्रधान प्रतिनिधि नवी अहमद की पहल पर प्रशासन ने नाव की व्यवस्था कराया। जलमग्न गांव सुविखा बाबू, टेढ़वा, खजांचीपुर, विशुनदासपुर का पुरवा केे लोगों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। अशोकपुर ग्राम पंचायत के प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पानी घुस गया है। छोटकी भुअरिया, सतहा, दयाराम पुरवा, गोड़ियान पुरवा व बलुइया बाढ़ के पानी से घिरे हैं। बरदियालोहार का पुरवा, अखनपुर भुवरिया, बानेपुर गांव की ओर पानी फैल रहा है। पूरे मोतीराम गांव के कई घरों में पानी घुस गया है। दुबौलिया थानांतर्गत पहिया माफी गांव जलमग्न है। दिलाशपुर का भरपुरवा व विशुनदासपुर का पुरवा निवासी ग्रामीण छोटकू, रामविलास, रामकरन, जोखू, जितेंद्र आदि ने बताया कि घरों में पानी घुस रहा है। मवेशियों को लेकर अब तटबंध पर रहना मजबूरी है। मवेशियों के लिए चारे का संकट आ गया है। बाढ़ प्रभावित गांवों व तटबंधों पर जहरीले सांप व कीड़े मकौड़े निकल रहे हैं।
तटबंधों पर पानी का दबाव तेज
अति संवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर व गौरा-सैफाबाद पर पानी का दबाव बहुत तेज हो गया है। टकटकवा गांव स्थित रिंगबांध शनिवार आधी रात से ओवर फ्लो होकर बह रहा है। इससे बाढ़ का पानी गांव में घुस रहा है। गौरा-सैफाबाद तटबंध के दक्षिण 14 गांव की सुरक्षा के लिए बनाए गए किशुनपुर-मोजपुर रिंगबांध पर कई जगह रिसाव हो रहा है।
22 गांव आए बाढ़ की चपेट में
बाढ़ की चपेट में जिले के 22 गांव आ गए हैं। इसमें 13 गांव मैरुंड हो चुके हैं। बाढ़ से करीब 10254 लोग प्रभावित हैं। एडीएम रमेश चंद्र ने बताया कि कटान नियंत्रण में है। रेनकट पूरे भरे जा चुके हैं। तटबंधों पर तीन शिफ्ट में 17 कर्मचारी निगरानी कर रहे हैं।