विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 65 सेेेेमी ऊपर बना हुआ है। मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश से नदी बढ़ने की आशंका बनी हुई है। ब्लॉक क्षेत्र के 23 गांवों में बाढ़ का पानी घुसा है।
सरयू नदी के खतरे का निशान 92.730 मीटर है जबकि नदी 93.380 मीटर पर बह रही है। जलस्तर बढ़ने से तटबंधों पर दबाव बढ़ा है ही पुराने ठोकर क्षतिग्रस्त हो गए हैं और बेस भी डूब गए हैं। बांध के पहले और दूसरे ठोकर का करीब 20 मीटर स्पर का नोज सप्ताहभर पहले नदी में कट चुका है लेकिन बोल्डर के अभाव में मरम्मत भी नहीं हो पा रही है। कल्याणपुर व भरथापुर में डीएम के निर्देश के बावजूद बोल्डरों से मरम्मत कार्य बंद है। पुराने ठोकर पानी में डूब चुके हैं। 23 गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचा है जबकि पांच गांव पूरी तरह से घिरे हैं।
बाढ़ का पानी जिले की सीमा का पहला गांव लम्ती से लेकर केशवपुर, खतमसराय, भदोई, मुंडेरीपुर, फूलडीह, बाघानाला, रामनगर, चांदपुर, छतौना, संदलपुर, कवलपुर, गौरियानैन, कन्हईपुर, पूरे चेतन, लकड़ी पकड़ी, माझाकिता अव्वल, मड़ना माझा गांवों के सीवान और आबादी में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। जबकि तटबंधविहीन कल्याणपुर, सहजौरा पाठक, भरथापुर, रानीपुर कठवनिया, पड़ाव के अधिकांश घरों में बाढ़ का पानी भर गया है। सरयू का जलस्तर इस वर्ष के अभी तक के उच्च स्तर पर है। इससे प्रशासन चौकन्ना हो गया है। एसडीएम शिव प्रताप शुक्ल ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र की निगरानी हो रही है। स्वास्थ्य टीम लगाई गई है। जहां राहत सामग्री नहीं बंटी है जल्द ही बांट दी जाएगी।
किसुनपुर-मोजपुर रिंगबांध पर संकट
दुबौलिया। सरयू नदी शनिवार की शाम एक बार घटी और लाल निशान से 59 सेंटीमीटर ऊपर बहने लगी थी। लेकिन रविवार सुबह फिर 65 सेमी. ऊपर बहाव पहुंच गया। अयोध्या स्थित केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय के मुताबिक रविवार शाम को जलस्तर 93.380 मीटर दर्ज किया गया।
खतरे के निशान से ऊपर बह रही सरयू नदी की धारा तेज कटान कर रही है। कटरिया-चांदपुर गांव के पास तटबंध पर बने ठोकर बैठ रहे हैं। टकटवा रिंगबांध पर दबाव कुछ कम हुआ तो किसुनपुर-मोजपुर रिंगबांध पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। रिंगबांध के निकट पड़ी खाली जमीन को काटकर नदी बांध की ओर बढ़ रही है। इससे रिंगबांध और वीडी बांध के बीच बसे दर्जनों गांव के लोग दहशत में आ गए हैं। दिलासपुरा गांव के पास खेत नदी में समा रहा है। सुबिका बाबू, टेड़वा आदि गांवों के निवासियों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। बरदियालोहार, विशुनदास का पुरवा, अशोकपुर के तीन पुरवे, मोतीराम, पहियामाफी और बानेपुरवा गांवों में पानी अभी डटा है। बाढ़ खंड के एसडीओ जितेन्द्र कुमार का कहना कि मरम्मत कार्य तेजी से जारी है। खतरे की कोई बात नहीं है।