सरयू खतरे के निशान से ऊपर, ग्रामीण भयभीत
अमर उजाला ब्यूरो
विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों में दहशत है। मंगलवार को नदी का जलस्तर बढ़कर 92.88 मीटर पर पहुंच गया। नदी खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर में वृद्धि से पानी अब आबादी की ओर बढ़ने लगा है।
केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार जल स्तर में अभी और वृद्धि होगी। नदी के उफान पर आने से तटबंध विहीन गांवों में दहशत फैल गई है। जल स्तर में वृद्धि से नदी का पानी घघौवा पुल से हाईवे के पार जाना शुरू हो गया है। जिससे हाईवे पार के किसानों की फसल डूबने का खतरा बढ़ गया है ।
इधर केशवपुर, बाघानाला, भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव, चानपुर, कौलपुर, संदलपुर, छतौना मांझा में सरयू नदी किनारों को डूबोने लगी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार जलस्तर में हो रही वृद्धि के चलते पानी बुधवार को आबादी से सट कर फसलों तक पहुंच जाएगा। सरयू नदी के बढ़े जलस्तर से रानीपुर के पास कटान तेज हो गई है, वहीं केशवपुर व संदलपुर में नदी दोनो छोर पर कटान कर रही है। जिससे खेती योग्य जमीन नदी में समाती जा रही है। केशवपुर के पियारे, पंचलाल, पंचम प्रसाद, रामा ने बताया कि दो दिन पहले नदी की कटान देख ग्रामीण घबरा गये हैं। यही हाल रहा तो अभी और खेतिहर भूमिहीन हो सकते हैं।
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उफनाई सरयू घिरने लगे गांव
दुबौलिया। जिले के अतिसंवेदनशील तटबंध कटरिया चांदपुर व गौरा सैफाबाद तटबंध के ठोकरों व स्परों पर पानी का दबाव बढ गया है। जल स्तर बढ़ने से टकटकवा गांव की सुरक्षा के लिए बनाया गए रिंग बांध भी खतरे में है। किशुनपुर मोजपुर रिंग बांध के पास भी नदी का पानी तेजी से पहुंच रहा है, तो सुविखा बाबू, दिलाशपुर गांव धीरे-धीरे पानी आने से घिरने लगे हैं। वहीं विशुनदासपुर का पुरवा अशोकपुर के कई पुरवों के ग्रामीणों को बाढ़ का डर सताने लगा है। दिलाशपुर गांव के पास कटान भी जारी है। जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।