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पहले करें मतदान, फिर दूजा कोई काम

Sat, 09 Mar 2019 12:53 AM IST
राकेश पांडेय बस्ती (ब्यूरो)
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पहले करें मतदान, फिर दूजा कोई काम - फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। लोकतंत्र का महाउत्सव मतदान से होता है। इसके बाद बनने वाली सरकार आमजन की होती है। भारत एक लोकतांत्रिक देश है। यहां चुनाव को उत्सव के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में हर नागरिक का फर्ज है कि चुनाव के समय मतदान में जरूर हिस्सा ले।
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यह कहना है श्रीमती कृष्ण कुमारी पांडेय गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य कलावती पाठक का। शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित मतदाता जागरूकता रैली को रवाना करने के पहले वह लोकतंत्र की विशेषताओं से छात्राओं को परिचित करा रही थीं। उन्होंने कहा कि घर में माता-पिता, भाई बहन के अलावा ऐसे सभी लोगों को मतदान करने के लिए प्रोत्साहित करें जो 18 वर्ष की आयु पूरी कर मतदाता बने हैं। जो अभी तक मतदाता नहीं बने हैं वे अपने बीएलओ से मिलकर वोटर कार्ड बनवाएं। शिक्षकों ने राष्ट्रीय मतदाता सर्विस पोर्टल की भी जानकारी दी। कहा कि आप घर के सदस्यों की जानकारी ले सकती हैं कि मतदाता सूची में आपका नाम है या नहीं। मेरा बूथ कौन सा है, इसकी जानकारी भी मतदाता सर्विस पोर्टल पर मिलेगी। जनजागरूकता रैली विद्यालय परिसर से निकलकर दक्षिण दरवाजा होते हुए वापस विद्यालय परिसर पहुंची। इसमें शामिल बच्चे मतदान के लिए प्रेरित करने को तरह-तरह के नारे लगा रहे थे। भ्रष्टाचार मिटाना है तो वोट डालने जाना है, वोट देना अधिकार हमारा, इस अवसर को मत गंवाना, पहले मतदान करें फिर दूजा काम करें, मम्मी-पापा को समझाएंगे वोट डालने जाएंगे जैसे नारे रैली में गूंज रहे थे। रैली में शामिल 183 छात्राओं ने शपथ पत्र भरकर मतदान का संकल्प लिया। विद्यालय में शिक्षक भारतीय तिवारी ने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से कई जागरूकता के कार्य किए जा रहे हैं। अपराजिता मुहिम इससे अलग है जो कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए है। आज महिलाएं पोलिंग बूथ तक जाने में हिचकती हैं। जिस दिन आधी आबादी मतदान का महत्व समझ जाएगी, उस दिन निश्चित ही लोकतंत्र सुदृढ़ होगा। शिक्षक मंजू लता ने कहा कि लोकतंत्र के सशक्तिकरण में हर नागरिक को मत से अपना योगदान अवश्य देना चाहिए। कम मतदान से कई एक बुराइयों का जन्म होता है जो सशक्त लोकत्रंत में बाधक है। इस तरह के कार्यक्रम में सभी को साथ आना चाहिए। उन लोगों को बूथ तक पहुंचाना चाहिए जो आलस्य या अन्य कारणों से अपने मत का इस्तेमाल नहीं करते। कॉलेज की शिक्षक प्रगति ने कहा  कि हिंदी भाषी राज्यों में मतदान के प्रति लोग उतना जागरूक नहीं हैं जितना पूर्वोत्तर के लोग। केरल, त्रिपुरा आदि राज्यों में 80  प्रतिशत से अधिक वोट पड़ते हैं। ऐसे में हम सभी का कर्तव्य है कि लोकतंत्र से मिले अधिकारों के इस्तेमाल के लिए बूथ पर जाकर मतदान जरूर करें। इस लोकतंत्र को मजबूती मिलेगी। अनीता पांडेय ने कहा कि लोगों को चाहिए कि वे उन्हें समझाएं जो यह कहते हैं कि एक वोट से क्या फर्क पड़ेगा। उन्हें जागरूक करें कि यह आप का अधिकार है। मतदाता और मतदान के आधार पर भी योजनाएं बनती हैं। इसलिए लोगों को मताधिकार का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर किसी को मतदान संकल्प के साथ करना चाहिए।
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