मुंडेरवा(बस्ती)। क्षेत्र के रामपुर रेवटी गांव के सिवान में बृहस्पतिवार को आग लगने से करीब 12 किसानों की 20 बीघा से अधिक गेहूं की फसल राख हो गई गई। ग्रामीणों के अथक प्रयास से आग को आगे बढ़ने से रोक दिया नहीं तो और नुकसान हो सकता था। एसडीएम सदर शैलेंद्र कुमार दूबे ने लेखपाल उमाशंकर से क्षति की जानकारी ली। एसडीएम ने बताया कि किसानों को अविलंब क्षतिपूर्ति दिलाने की व्यवस्था की जा रही है।
बनकटी ब्लॉक के रामपुर रेवटी के बोदवल से सटे सिवान में बृहस्पतिवार को अज्ञात कारणों से आग लग गई। हवा के कारण आग तेजी से फैल गई। लपटों को देखकर समीपवर्ती गांवों बोदवल, कोहड़वा, छपिया पांडेय के ग्रामीण जुट गए। कड़ी मशक्कत के बाद आग को आगे बढ़ने से रोका जा सका। बावजूद इसके राम चरन सिंह, भगवान सिंह, आसमान सिंह, प्रताप नरायण, पुष्पा देवी, शिवम, शिवानंद, रामानंद, धर्म वीर सिंह, पवन सिंह, वीरेंद्र सिंह समेत 12 से अधिक लोगों की लगभग 20 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। मुंडेरवा थाने के प्रभारी निरीक्षक अरविंद शाही मय फोर्स पहुंच कर बुझाने में मदद की।
आग के कारणों को लेकर भ्रम
आग लगने के कारणों को लेकर काफी भ्रम है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के तारों की स्पार्किंग से चिंगारी खेत में गिरी, जिससे आग लग गई। बताया जा रहा है कि उस समय बिजली की सप्लाई चल रही थी। वहीं, कुछ ग्रामीणों का कहना है कि किसी घूर में राख फेंकी थी, जिसमें चिंगारी थी और उसी से आग भड़की। एसएचओ अरविंद कुमार शाही ने बताया कि आग लगने के कारणों के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं है।
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इन वजहों से आम तौर पर लगती है आग
- आम तौर पर खेतों में बिजली के ढीले तारों को सटने से आग लगने की घटनाएं होती हैं। पिछले कुछ वर्षों में इसके चलते डेढ़ से दो हजार बीघा गेहूं की फसल और सौ से अधिक घर जल गए थे। इसे देखते हुए गेहूं की कटाई के सीजन में आग से बचने के लिए कुछ दिनों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में दिन में बिजली की आपूर्ति बंद कर दी जाती रही है। इसके अलावा सुलगती हुई बीड़ी-सिगरेट फेंक देने, मड़ाई करते समय ट्रैक्टर से निकली चिंगारी, घूर की राख, मच्छर भगाने के लिए सुलगाए गए धुइहर से आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं।
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आग से बचाव को लेकर बरतें सावधानी - हवा का रुख देखकर आग जलाएं। - बच्चों को माचिस आदि से न खेलने दें। - चूल्हे की राख पूरी तरह से बुझाए बिना न फेंकें। - शादी समारोह में चूल्हा ऐसी जगह जलवाएं, जहां हवा न हो। - घर, दुकान, संस्थान आदि में उपकरण लगाएं। - ज्वलनशील वस्तुओं के पास बालू की बाल्टी रखें। - जलती बीड़ी-सिगरेट कहीं न फेकें। - घटना होने पर तुरंत फायर सर्विस की मदद लें।
80 किसानों को मिला मुआवजा
- राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के सचिव महेंद्र गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2022 में जिले के 80 किसानों को गेहूं की फसल जलने के एवज में कुल डेढ़ लाख रुपये मुआवजा दिया गया था। योजना का लाभ लेने के लिए किसान को फसल में आग लगने पर 15 दिन के अंदर संबंधित कृषि उत्पादन मंडी समिति कार्यालय में प्रार्थना पत्र जमा करना होता है। विभाग की योजना में गेहूं, धान, मक्का, बाजरा, मूंग, मसूर, राई आदि अनाज वाली फसलें शामिल हैं। गन्ने को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है।
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यह है योजना
- खलिहान अग्नि दुर्घटना सहायता योजना के अंतर्गत 2.5 एकड़ से कम भूमि वाले किसान को 15 हजार, 2.5 एकड़ पांच एकड़ तक भूमि वाले किसान को 20 हजार, पांच एकड़ से अधिक जमीन वाले किसान को 30 हजार रुपये तक का मुआवजा दिया जा सकता है। मुआवजा किसान को उसकी फसल के नुकसान के आधार पर दिया जाता है। अधिक नुकसान होने पर किसान को एक लाख से अधिक का मुआवजा तक दिया जा सकता है।
45 मिनट में पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी
- रामपुर रेवटी गांव के दक्षिण पश्चिम बैदा और रामपुर रेवटी गांव के बीच सिवान में सुबह लगभग 10.30 बजे आग लगी। गांव वालों ने पहले तो खुद इसे बुझाने का प्रयास किया लेकिन आग बढ़ती देख इसकी सूचना फायर ब्रिगेड सहित मुंडेरवा थाने को दी। 45 मिनट में फायर ब्रिगेड की छोटी गाड़ी पहुंची। इसके बाद बड़ी गाड़ी भी पहुंची, जिससे आग बुझाई जा सकी। मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर घटना स्थल पर पहुंचने में 45 मिनट लगे।