बस्ती। एसआर मेडिकल इंस्टीट्यूट के दो संचालक संस्थान में सात माह से ताला बंद कर लापता हैं। सोनहा थाना क्षेत्र के शाहपुर के अखिलेश चौधरी ने कोतवाली में बुधवार को दोनों संचालकों पर धोखाधड़ी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
मामले में कोतवाली पुलिस ने अभिषेक उपाध्याय निवासी ग्राम छरहरी थाना कलवारी और जितेंद्र उपाध्याय निवासी नगर थाना क्षेत्र पर धोखाधड़ी समेत गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
संस्थान में डी-फार्मा के छात्र रहे अखिलेश चौधरी ने बताया कि उसने 2023 में एडमिशन कराया था। एक लाख रुपये फीस भी जमा किए थे।
पढ़ाई पूरी होने के बाद प्रमाणपत्र उसे नहीं दिया गया। उसने पढ़ाई इसलिए की थी, ताकि मेडिकल स्टोर खोल सके। जब चार माह तक प्रमाणपत्र नहीं मिला तो उसने संचालक को फोन किया। तीन माह पहले संचालक ने उसे कानपुर बुलाया। वह प्रमाणपत्र लेने कानपुर जा रहा था। लखनऊ से उसे लौटना पड़ गया। क्योंकि संचालक को मोबाइल फोन स्वीच ऑफ बताने लगा। कुछ दिनों बात उसने फिर संचालक को फोन किया तो उन्होंने बताया कि तीन-चार दिन में बस्ती आकर प्रमाणपत्र दे देंगे, मगर तब उसे उनका मोबाइल फोन लगातार ऑफ जा रहा है।
डी-फार्मा के छात्र अखिलेश चौधरी ने बताया कि उनके बैच में 30 विद्यार्थी थे। किसी को प्रमाणपत्र नहीं मिल पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी संस्थान में उनके भाई अनिल चौधरी लैब तकनीशियन का प्रशिक्षण लिया था।
जांच में उसका प्रमाणपत्र फर्जी निकला। उसने आरोप लगाया कि ऐसे कई विद्यार्थियों के साथ धोखाधड़ी की गई है। विवेचक जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि डी-फार्मा के छात्र अखिलेश चौधरी की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। जल्द ही दोनों को पकड़ लिया जाएगा।