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Basti News: संदीप की मौत मामले में अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में अस्वीकार

Sat, 04 May 2024 01:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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संदीप विश्वकर्मा की फाइल फोटो
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विधि सम्मत नहीं अंतिम रिपोर्ट, कप्तानगंज थानाध्यक्ष करें अग्रेतर विवेचना
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संदीप के चाचा ने पुलिस की अंतिम रिपोर्ट के खिलाफ दाखिल किया था प्रोटेस्ट
विवेचक ने दिसंबर में ही न्यायालय में भेज दिया था अंतिम रिपोर्ट
13 जून को कप्तानगंज के कच्चीपुर के रवई नदी में मिला था शव
संवाद न्यूज एजेंसी

बस्ती। कप्तानगंज के कच्चीपुर निवासी संदीप विश्वकर्मा की रहस्यमय मौत का मामला फिर सुर्खियों में आ गया है। इस मामले में विवेचक ने दिसंबर में ही न्यायालय में फाइनल रिपोर्ट भेज दिया था, जिसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि विवेचक की ओर से भेजी गई अंतिम रिपोर्ट विधि सम्मत नहीं है। ऐसे में कप्तानगंज थानाध्यक्ष को आदेश दिया कि अग्रेतर विवेचना करते हुए 15 दिन में कृत कार्रवाई से अवगत कराएं।
केस की पैरवी कर रहे संदीप के चाचा बाबूराम विश्वकर्मा ने प्रोटेस्ट दाखिल किया था, जिसमें कहा गया कि संदीप के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डाॅक्टर को उसके पेट में पानी नहीं मिला। इससे स्पष्ट है कि यदि संदीप की मृत्यु डूबने से होती तो पेट में पानी अवश्य मिलता। पेट में पानी न मिलना स्पष्ट करता है कि मृतक को डुबो कर मारा गया है। इस बिंदु पर विवेचक ने कोई विवेचना नहीं की।
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इसके अलावा घटना स्थल पर नदी में आरसीसी चैक डैम बना होने की बात कही गई है। जबकि संदीप के नाखून के अंदर मिट्टी और सांस नली में पानी के साथ कीचड़ कैसे गया, इस पर विवेचक ने कोई विवेचना नहीं की। प्रोटेस्ट प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया गया कि विवेचक ने उसका काल्पनिक एवं औचित्य विहीन बयान दर्ज किया।
ऐसे में निष्पक्ष विवेचना न करके मुल्जिमाें को नाजायज तरीके से लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सरसरी तौर पर विवेचना कर अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल कर दिया गया है। ऐसे में इस अंतिम रिपोर्ट को अस्वीकार कर दिया गया।
13 जून को कप्तानगंज थाना क्षेत्र के कच्चीपुर (भूपालपुर) गांव के संदीप कुमार विश्वकर्मा (22) का रवई नदी में शव मिला था। उनके चाचा बाबूराम का कहना है कि वह गन्ने की सिंचाई कर रहा था। 11 बजे घर से खाना खाकर खेत में जाने के लिए निकला था। काफी देर तक घर न लौटने पर चाचा ने फोन किया तो संदीप ने बताया कि करचोलिया के पास सांड़ भगाने आया है। दोपहर दो बजे सूचना मिली कि संदीप का शव बघौड़ा गांव के निकट रवई नदी में (ढोढ़रहवा घाट) पर पड़ा है। चरवाहों ने शव निकालकर फोटो वायरल किया। परिवार के लोग और पुलिस पहुंची तो उसकी बाइक घटना स्थल से कुछ दूरी पर खड़ी मिली और बाइक की चाबी और मोबाइल फोन गायब था। पुलिस ने बाबूराम की तहरीर पर संदीप के साथ गए तीन दोस्तों पर हत्या व शव छिपाने का केस दर्ज किया था।

पोस्टमार्टम में हुई थी डूबने की पुष्टि
- पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो उसके आहार नली, पेट और लेंस आदि में पानी व बालू भरा मिला। इस आधार पर पुलिस ने दावा किया कि नहाते समय डूबने से उसकी मौत हुई। मगर, घटना के तीसरे दिन संदीप के परिजनों ने उसके तीन दोस्तों पर संदीप को बुलाकर ले जाने और हत्या करने का आरोप लगाया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि के चलते यह गुत्थी उलझ गई थी।
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परिवार वालों के शक का आधार
- केस के वादी और मृतक के चाचा बाबूराम फाइनल रिपोर्ट लगने की जानकारी होते ही निराश हो गए थे। मगर सीजेएम के इस आदेश से एक बार फिर न्याय की उम्मीद जाग गई है। उनका कहना है कि पुलिस ने तमाम पहलुओं को नजरअंदाज करके पूर्वानुमान के आधार पर फाइनल रिपोर्ट लगा दिया। उनकी दलील है कि जिन दोस्तों के साथ वह देखा गया था, वे सभी संदीप को बहाने से लेकर नदी के किनारे लेकर गए थे। उनसे कड़ाई से पूछताछ की गई होती तो सच्चाई सामने आ गई होती। संदीप की मोबाइल और चाभी लेकर वही लोग भाग गए थे। अगर उनके मन में काला न होता तो मोबाइल तोड़कर नष्ट करने के बजाए हम लोगों को या पुलिस को दिए होते। बाइक की चाभी अब तक नहीं मिली।
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चार सवालों का नहीं मिला जवाब

एक- चारों के एक साथ नदी में नहाने के लिए जाने पर यदि संदीप की डूबकर मौत हो गई, तो बाकी तीनों दोस्तों ने इसकी किसी को सूचना देने के बजाए भाग क्यों गए।

दो- संदीप की मोबाइल और बाइक की चाभी उन दोस्तों के पास थी तो मोबाइल को परिवार वालों को देने के बजाए तोड़कर फेंक क्यों दिए।
तीन- जिस जगह डूबकर मरने की बात बताई जा रही वहां डूबने भर का पानी ही नहीं था तो कैसे डूबा संदीप।

चार- जिस जगह डूबने की बात कही जा रही है वहां डूबने पर नाखून और फेफड़े में मिट्टी कहां से आई।
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