बस्ती। बस्ती चीनी मिल चलवाने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे छह
कर्मचारियों का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा है। जिला अस्पताल के मुख्य अधीक्षक
ने अनशनकारियों को अस्पताल में भर्ती कराने की सिफारिश जिलाधिकारी से की
है।
जिलाधिकारी को भेजी रिपोर्ट में मुख्य अधीक्षक ने बताया है कि
अनशनकारियों के यूरिन में कीटोन की मात्रा अधिक पाई गई है, जो खतरनाक है।
डीएम अनिल कुमार दमेले ने स्पष्ट किया कि प्रशासन किसी भी दशा में अनशन पर
बैठे लोगों को मरने नहीं देगा। इसके लिए प्रशासन स्तर पर जो भी आवश्यक
होगा, किया जाएगा।
जिला अस्पताल के मुख्य अधीक्षक ने रिपोर्ट में
बताया कि अनशनकारी आशुतोष सिंह, जयप्रकाश शुक्ल, सुरेंद्र मिश्र, बृजेश
सिंह, बच्चा पाठक और प्रेम सागर सिंह की सेहत में गिरावट आई है। इससे
प्रशासन के कान खड़े हो गए।
आनन फानन में अनशन पर बैठे लोगों ने
चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उन्हें अस्पताल में भती कराने का
निर्णय हुआ। इसके लिए एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग टीम को मौके पर भेजा भी
गया।
उसके बाद मिल चलवाने को लेकर आंदोलन कर रहे कुछ प्रमुख लोगों
के साथ डीएम, एडीएम और एसडीएम सदर की वार्ता हुई, जिसमें अनशन समाप्त करने
की बात प्रशासन की ओर से की गई।
बाद में इस वार्ता में भाजपा के
जिलाध्यक्ष दयाशंकर मिश्र, पूर्व एमएलसी दयाराम चौधरी व वरिष्ठ भाजपा नेता
राजेंद्रनाथ तिवारी शामिल हो गए। नेताओं का कहना था कि जिम्मेदार अधिकारी
चीनी मिल चलाने की घोषणा करे।
लोगों ने इस मामले में डीएम से
हस्तक्षेप करने और मिल चलाने के संबंध में शासन को पत्र लिखने को कहा। डीएम
ने कहा कि वह इस संबंध में शासन और गन्ना आयुक्त को कई पत्र लिख चुके हैं।
जब डीएम ने अनशनकारियों की सेहत खराब होने का हवाला देकर उन्हें
अस्पताल में भर्ती करने की बात कही तो नेताओं के निवेदन पर डीएम ने एक दिन
का और मौका दे दिया। उन लोगों ने डीएम को यह भी आश्वासन दिया कि वे लोग
अनशनकारियों की सेहत बिगड़ने नहीं देंगे। इस पर सहमति बन गई।