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Basti News: दरोगा से नाराज महिला कलक्ट्रेट की पानी टंकी पर चढ़ी, मची अफरातफरी

Fri, 08 Mar 2024 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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- दुबौलिया थाने में दर्ज दरोगा पर मारपीट के एक मामले में कार्रवाई नहीं करने से नाराज थी
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-कलक्ट्रेट परिसर में करीब एक घंटे तक मचा रहा हड़कंप, अफसरों के मनाने पर उतरी

संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सीएम, एसपी के यहां फरियाद के बाद भी मारपीट के एक मामले में दरोगा द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने से आहत एक महिला बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गई। न्याय नहीं मिलने पर टंकी से कूदकर जान देने की धमकी देने लगी। मौके पर पहुंचे एसडीएम व सीओ सदर आदि के काफी समझाने-बुझाने पर करीब एक घंटे बाद वह नीचे उतरी। तब सभी ने राहत की सांस ली।
मुंडेरवा थाना क्षेत्र के परसा हज्जाम की रहनेवाली राजमति बृहस्पतिवार सुबहर कलक्ट्रेट पहुंची और दिन में करीब 12.45 बजे परिसर में स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गई। यह देखकर वहां हड़कंप मच गया। लोगों ने उससे नीचे उतरने की गुजारिश की लेकिन वह तैयार नहीं हुई। सूचना पर एसडीएम सदर शत्रुध्न पाठक, सीओ सदर विनय चौहान आदि पहुंचे और काफी समझाने के बाद वह करीब 1.45 बजे नीचे उतरी। उसने दुबौलिया थाने पर तैनात दरोगा सुरेंद्र प्रसाद पर विपक्षियों से मिलकर साजिश करने व कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।
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राजमति ने बताया है कि उसने उर्मिला पत्नी बाबूलाल निवासी सैनिया थाना दुबौलिया के विरुद्ध एक एफआईआर लिखवायी थी, जिसके सम्बन्ध में उर्मिला के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ था। दुबौलिया थाना पर तैनात दरोगा सुरेंद्र प्रसाद ने उस आदेश को दबा लिया। राजमति का आरोप है कि केस दर्ज कराने से नाराज उर्मिला व उसके परिजन सूर्या उर्फ सकलू , रोशनी पुत्री बाबूलाल व पांच अज्ञात व्यक्तियों ने 29 फरवरी की शाम करीब छह बजे सैनिया चौराहे पर अपशब्द कहते हुए उस पर हमला कर दिया। जान से मार डालने की नीयत से गला दबाने की कोशिश की। किसी तरह वह भागकर एक मेडिकल स्टोर में घुस गई। वहां भी उनलोगों ने उसे मारापीटा और उसका मोबाइल फोन, चेन व पांच हजार रुपये छीन लिए। घटना की सूचना देने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इलाज कराने कप्तानगंज गई तो वहां कहा गया कि बिना पुलिस के चोटों का मुआयना नहीं होगा।
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उसने थाने पर कई बार प्रार्थनापत्र दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उसने एएसपी से शिकायत की। एएसपी के निर्देश पर भी उसका केस दर्ज नहीं किया गया। तीन मार्च को उसने गोरखपुर में मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में प्रार्थनापत्र दिया। अगले दिन पुलिस अधीक्षक से मिली। इसके बावजूद केस दर्ज नहीं किया गया। पांच मार्च को फिर एसपी ने मिली तब जाकर उसका केस दर्ज किया गया। राजमति देवी का आरोप है कि केस की धाराओं में अल्पीकरण किया कर आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। इसी से आहत होकर उसने टंकी से कूदकर जान देने का प्रयास किया। उसने कहा कि अफसरों ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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