परिषदीय स्कूलों के बच्चों को बुधवार को तहरी के साथ दूध देने की सरकार की योजना पहले ही चरण में फ्लॉप रही। रामनगर, रूधौली और सल्टौआ ब्लॉक क्षेत्र के कुछ स्कूलों में बच्चों को तहरी तो मिली मगर दूध किसी भी स्कूल में नहीं मिला। रामनगर बीआरसी परिसर में स्थित तीन स्कूलों में तो ताला लटका मिला। इससे पहले सोमवार को बच्चों को मार्निगं स्नैक्स के रूप में मौसमी फल देने की योजना फ्लॉप हो चुकी है। खुले हुए स्कूलों में भी बच्चों की संख्या बहुत ही कम रही।
सरकार परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के सेहत को सुधारने के लिए प्रत्येक सोमवार को ताजे मौसमी फल और प्रत्येक बुधवार को तहरी के साथ दूध देने की योजना बनाई है। प्राइमरी स्कूल में एक बच्चे को सौ मिलीलीटर और जूनियर स्कूल के बच्चों को एक सौ पचास मिलीलीटर दूध देने की योजना है। दूध के मामले में सख्त निर्देश है कि किसी भी दशा में बच्चों को डिब्बा बंद और पैकेट वाला दूध न दिया जाए। दूध, फल और तहरी खिलाने की जिम्मेदारी हेड मास्टर को दी गई है। साथ ही मानिटरिंग का दायित्व बीएसए, खंड शिक्षा अधिकारी और एमडीएम के जिला समन्वयक का है। इस सच को जानने के लिए जब अमर उजाला की टीम ने स्कूलों का परीक्षण किया तो योजना का सच सामने आया।
टीम सबसे पहले सल्टोआ ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर पहुंची। यहां पर हेड मास्टर राम उग्रह बच्चों को तहरी खिलाते हुए मिले। दूध के बारे में बताया कि डेयरी वालों को दूध का आर्डर दिया गया है। यहां पर 84 बच्चों के नामांकन के सापेक्ष मात्र 10 बच्चे ही मिले। यहां पर सहायक अध्यापक के रूप में कामिनी पांडेय, अंशू शुक्ला एवं चक्रपाणि पांडेय की तैनाती है, जो कि नामांकित बच्चों के सापेक्ष अधिक है।
प्राथमिक विद्यालय पकड़ी भीखी में हेड मास्टर डॉ. देवेंद्र पाल बच्चों को तहरी खिलाते मिले, मगर यहां पर भी बच्चों को दूध नहीं मिला। 230 बच्चों के सापेक्ष मात्र 48 बच्चें ही मौजूद मिले। टीम जब सीडीओ के गोद लिए गांव जगतापुर पहुंची तो वहां पर भी बच्चों को दूध नहीं बंटा था। हेड मास्टर विंध्यावासिनी बच्चों को तहरी खिलाते हुई मिली।
रामनगर ब्लॉक पर स्थित बीआरसी के परिसर में स्थापित जूनियर कन्या नरखोरिया, प्राथमिक कन्या नरखोरिया एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय नरखोरिया स्थित तीनों स्कूलों में ताला लटक रहा था। खंड शिक्षा अधिकारी भी मौजूद नहीं थे। प्राथमिक विद्यालय नरखोरिया खुला मिला, मगर यहां पर बच्चों को न तो दूध मिला और तहरी ही मिली। रूधौली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय रूधौली में 111बच्चों के सापेक्ष मात्र मात्र सात बच्चें मिले, सभी बच्चें स्कूल परिसर मे इकट्ठे गंदे पानी मे खेलते हुए मिले।
शिक्षक संतोष गुप्ता व अनीता यादव ने बताया कि आज लिस्ट मे ईद की छुट्टी होने के कारण एमडीएम और दूध की व्यवस्था नही हो सकी। हेड मास्टर अमित सिंह व सहायक अध्यापक ओमजी पांडेय व रसोईया गुड़िया, सुनीता व प्रमिला मौके पर मौजूद नही मिली। इसी प्रकार कन्या प्रा.वि.रूधौली मे पंजीकृत 66 बच्चों मे मात्र पांच बच्चे उपस्थित मिले। यहां भी एमडीएम और दूध की व्यवस्था नही की गई थी। हेड मास्टर सुनील पांडेय व शिक्षक प्रियंका सिंह ने बताया कि ईद की वजह से बच्चों की संख्या कम है इसीलिए एमडीएम और दूध की व्यवस्था नही हो सकी।