पोस्टमार्टम होने के बाद शव लेकर परिवार के लोग अंतिम संस्कार के लिए चले गए। जबकि कुछ सदस्य घटनाक्रम की जानकारी लेने विद्यालय पहुंचे। वहां सीसीटीवी फुटेज देखा और प्रधानाचार्य, स्कूल के बच्चों और स्टाफ के लोगों से भी जानकारी ली।
मृतक के चाचा अजय त्रिपाठी ने बताया कि कई चीजें हैंए जो गले से नीचे नहीं उतर रही हैं। शाम सात बजे से लेकर रात 11 बजे के बीच का फुटेज विद्यालय प्रशासन नहीं दिखा पाया। त्रिपाठी के मुताबिक जो फुटेज दिखाए गएए उसमें बीच-बीच में एडिट किया गया था। शाम 06.08 मिनट के फुटेज में कृष्णा अकेले कॉरिडोर से अपने कमरे की तरफ जाते दिख रहा है, लेकिन आगे कॉरिडोर की लाइट बंद होने के कारण कुछ दिखाई नहीं दे रहा है।
यह भी उठे सवाल
- पुलिस के उपलब्ध कराए गए फोटो में मृतक कृष्णा का पांव फर्श को छू रहा है। जबकि फोरेंसिक के जानकार बताते हैं कि अगर फर्श पर पांव छू रहा है तो मौत होने की गुंजाइश कम हो जाती है।
- घटना की सूचना परिवार वालों को देने में काफी देर की गई। बावजूद इसके किसी अधिकृत व्यक्ति के बजाए पड़ोस के लड़के के जरिए परिवार के लोगों को सूचना दी गई।
- जिस दरवाजे को तोड़कर निकालने की बात बताई जा रही है,उसकी कुंडी तक सही सलामत पाई गई। पुलिस का दावा है कि फावड़े से एक चोट करने के बाद कुंडी की दूसरी साइड का दरवाजा खुल गया था।
- परिवार के लोगों के मुताबिक पंखे के रॉड में मफलर बांधने के बजाए उसके ब्लेड में बांधा गया, जबकि 45-48 किलो का कृष्णा ब्लेड से लटकता तो ब्लेड मुड़कर नीचे आ गई होती।
- पिता के मुताबिक उन लोगों के पहुंचने से पहले शव को पोस्टमार्टम के लिए सील कर देना संदेह पैदा करता है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रीप्रकाश पांडेय ने बताया कि यह घटना अत्यंत खेदजनक है। बताया कि रविवार को पूरे दिन संयुक्त निदेशक के साथ विद्यालय में घटना से जुड़े तथ्यों को खंगाला गया। इसमें देखा गया कि किन परिस्थितियों में यह घटना हुई होगी। साथ ही आगे ऐसा न हो इसके लिए क्या उपाय किया जाना चाहिए, इस पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। जांच करने के सवाल पर बताया कि निदेशालय के निर्देश पर अभी इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। विभाग परिवार के लोगों के साथ है। उनकी प्रत्येक आशंकाओं का समाधान किया जाएगा।
(नोट- पोस्टमार्टम में हैंगिंग की बात बताई जा रही है। हालांकि आधिकारिक तौर पर पुलिस अभी रिपोर्ट आने का इंतजार करने की बात बता रही है। )