गायघाट/बस्ती।
छुट्टा पशुओं के चलते फसलों की बर्बादी झेल रहे किसानों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। किसानों ने पशुओं के साथ पाऊं में रामजानकी मार्ग पर प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया। कलवारी, गायघाट, कुदरहा क्षेत्र के किसानों ने प्रदेश सरकार को किसान विरोधी बताते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रशासनिक अमले ने किसी तरह जाम तो हटवा दिया लेकिन समस्या का हल नहीं ढूंढ पाए। किसानों का कहना है कि कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो सारे किसान सड़क पर उतरेंगे।
दोपहर में कलवारी थाना क्षेत्र के भगवती प्रसाद शुक्ला के नेतृत्व में किसानों ने एक छोर से दूसरे छोर तक शृंखला बनाकर करीब आधे घंटे तक रोड जाम रखा। किसान रामपलट ओझा, राजेश मौर्या, हरिश्चन्द्र तिवारी, पुनीत शुक्ला, बल्ला यादव, छांगुर, द्वारिका तिवारी, शंकर, मथुरा, सुबेलाल, राम चन्दर, मेहीलाल, रामपलट आदि ने छुट्टा पशुओं की समस्या पर ध्यान आकृष्ट कराने के लिए प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि ये अरहर, गेहूं, मटर की फसल हर बार बर्बाद कर देते हैं।
जाम की सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष कलवारी से किसानों की नोकझोंक भी हुई। एसओ शिवाकांत मिश्र ने खुद को किसान का बेटा बताते हुए यकीन दिलाया कि उनकी इस समस्या से वह अच्छी तरह वाकिफ हैं। आश्वासन दिया कि उच्चाधिकारियों तक उनकी समस्या पहुंचाकर हल निकाला जाएगा। किसानों ने आगाह किया कि यदि इसे नजरअंदाज किया गया तो वे फिर सड़क जाम करने के लिए मजबूर होंगे।
फसल ही नहीं जान के भी दुश्मन
छुट्टा पशु सिर्फ फसलों के ही नहीं, बल्कि जान के भी दुश्मन बने हैं। सोमवार को बेनीपुर के प्रधानपति इंद्र कुमार उर्फ फक्कड़ी चौधरी की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। वह 21 जनवरी को बहादुरपुर ब्लॉक से वापस बेनीपुर जा रहे थे। झिनकूलाल इंटर कॉलेज के सामने एक सांड़ से बाइक भिड़ गई थी। मंगलवार को दिन में उसी जगह ट्रक के सामने सांड़ आ गया। इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस वालों ने सांड़ का शव किसी तरह किनारे कराया।
किसानों में इनका खौफ
यहां के किसानों में जंगली जानवरों का भी खौफ है। सुअर और नीलगायों के झुंड कलवारी, पिपरा गौतम, कुदरहा, बनकटी, मुंडेरवा, रुधौली और बभनान क्षेत्र की फसलों को पलीता लगाने में आगे हैं। शहर से निकट के गांवों खोराखार, चननी, डारीडीहा, भद्रेश्वरनाथ, भूअर आदि में बंदर ने उत्पात मचा रखा है। नगर बाजार क्षेत्र में बड़ी तादाद में मोर दलहनी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। खास करके मटर और चने की फली से दाने निकालकर खाने में बंदरों का कोई जोड़ नहीं है।