नगर बाजार। मौसम का बदला मिजाज किसानों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। दो दिनों से आसमान में काले बादल मंडरा रहे हैं। बूंदाबांदी शुरू हो गई है। मौसम का रुख देखकर किसान मायूस हैं। जिले में लगभग 80 फीसदी धान अभी भी खेतों में खड़ा है या कटाई के बाद सिवान में ही पड़ा है।
नगर पंचायत नगर बाजार समेत आसपास के क्षेत्रों में स्थिति और भी चिंताजनक है। यहां अभी तक धान की कटाई विधिवत रूप से शुरू भी नहीं हुई है। कुछ किसानों ने अगेती किस्म के धान की कटाई की है, उनका अनाज भी खलिहान तक नहीं पहुंच पाया है। ऐसे में अगर बारिश हुई तो तैयार फसल को भारी नुकसान तय माना जा रहा है।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान के अवशेष के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम बिगड़ रहा है। विभाग ने 30 और 31 अक्तूबर को बस्ती, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, संतकबीर नगर, गोंडा, अयोध्या समेत तराई के कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और तेज हवा चलने का अलर्ट जारी किया है। जिले में शुक्रवार को रुक-रुक कर बारिश की संभावना जताई गई है।
किसानों का कहना है कि धान की फसल पककर पूरी तरह तैयार खड़ी है और यही कटाई का सही समय है। यदि इस दौरान खेत में पानी भर गया तो हार्वेस्टर मशीनें खेत में नहीं उतर पाएंगी और मजदूरों से कटाई कराना भी मुश्किल हो जाएगा। वहीं सिवान में पड़े धान भीगने से उसमें अंकुर फूटने और काला पड़ने का डर है, जिससे मंडी में उसका भाव आधा रह जाएगा।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे शनिवार तक धान की कटाई रोक दें। जो फसल कट चुकी है, उसे त्रिपाल से ढककर सुरक्षित ऊंची जगह पर रख दें। खेत की नालियों को साफ रखें, ताकि पानी का निकास होता रहे। फिलहाल नगर बाजार सहित पूरे जिले के किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं।्