गौर। कुआनो नदी की बाढ़ से धान की फसल बर्बाद हो गई है। इससे किसान चिंतित हैं। सरकार की ओर से मुआवजा देने की बात कही गई है लेकिन अभी तक पड़री-शिवा गांव में कोई सर्वे नहीं कराया गया है।
कुआनो नदी के किनारे स्थित गौर ब्लॉक के ग्राम पंचायत पड़री-शिवा, माझा मानपुर, तरैनी, मंसूरनगर, अइला कला, धधरिया, पगारे सहित कई गांवों बाढ़ की चपेट में थे। इन गांवों के किसानों की धान और गन्ने की फसल पानी में डूब गई थी। फसलों के बर्बाद होने से किसान काफी परेशान हैं। शासन की ओर से कुछ ग्राम पंचायतों में लेखपाल की ओर से मुआवजा देने के लिए सर्वे कराया गया लेकिन पड़री-शिवा गांव में कोई सर्वे न होने से किसान परेशान हैं। वे सहायता राशि की मांग कर रहे हैं। गांव के किसान रमा देवी, गरीबुल्लाह, भूइलोटन, मोहब्बत अली, जलालुद्दीन, अमेरिका देवी, जगराम, मरियम निशा, सहदेव, डब्लू, सलीमुलल्लाह, कलीमुल्लाह, समीउल्लाह, नईमुद्दीन और राजू ने बताया कि हम लोगों की धान की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। फसल सड़ने लगी है लेकिन अब तक तहसील प्रशासन की ओर से कोई सर्वे नहीं कराया गया। इससे हम लोग मुआवजा से वंचित हो गए हैं। किसानों ने फसलों के नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
कोट:::बाढ़ से फसलों के नुकसान का आकलन कराया गया है। किसानों को सहायता राशि देने के लिए फीडिंग कराई जा रही है। इस समय सर्वर डाउन चल रहा है, जिससे फीडिंग में समस्या आ रही है। 33 प्रतिशत से कम नुकसान वाले किसानों को कोई सहायता राशि नहीं मिलेगी। -प्रद्युम्न कुमार, एसडीएम हर्रैया