प्रतिभा संसाधन की मोहताज नहीं होती है। दृढ़ निश्चय और लगन के साथ किए गये परिश्रम से सफलता जरूर मिलती है। क्षेत्र के छपिया शुक्ल गांव की रहने वाली प्रगति त्रिपाठी ने इसे साबित कर दिखाया है। उन्होंने मंगलवार को घोषित नीट परिणाम में 6,448वीं रैंक हासिल कर सफलता का परचम लहराया है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण प्रगति ने घर पर स्वअध्ययन कर यह सफलता प्राप्त की है।
ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में प्रगति ने 631वीं रैंक हासिल की है। प्रगति के पिता रमापति त्रिपाठी पेशे से किसान हैं और माता मुद्रिका त्रिपाठी गृहिणी हैं। प्रगति की प्रारंभिक शिक्षा गांव के आदर्श बाल विद्यालय में हुई। जीएसएएस एकेडमी से 2016 में हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली प्रगति ने प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया था।
इसी विद्यालय से इंटरमीडिएट की परीक्षा में उन्होंने 88.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले की मेरिट सूची में पांचवां स्थान प्राप्त किया था। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह केंद्र सरकार से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के लिए बीएससी में प्रवेश लेकर स्नातक करने लगीं।
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बताया कि पिछले साल नीट में 577 अंक मिले थे। लेकिन यह काफी कम थे तो घर पर ही दोबारा तैयारी करने लगी। इस बार रैंक ठीक मिली है। उन्होंने बताया कि नीट की तैयाही में बेसिक जानकारी पर अधिक फोकस किया और जो टॉपिक समझ में नहीं आते थे, उन्हें इंटरनेट की मदद से समझने का प्रयास किया।
नीट की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए उन्होंने कहा कि समय सारिणी बनाकर नियमित अध्ययन करें। उनके पिता रमापति ने भावुक होकर कहा कि यदि रुपए होते तो बेटी को किसी अच्छी कोचिंग में पढ़ाता। उसकी सफलता पर गर्व है।