परशुरामपुर, बस्ती। मनरेगा कार्य के मस्टररोल पर दस्तखत करने के लिए कमीशन को लेकर परशुरामपुर ब्लाॅक मुख्यालय पर सोमवार को हुए बवाल के मामले में नामजद दोनों मुख्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में दोनों पर केस दर्ज किया गया था। इसमें प्रधान प्रतिनिधि राजेश वर्मा निवासी करनपुर और वीडीओ नरेंद्र प्रताप सिंह निवासी बेलाड़ी शामिल हैं।
एसएचओ परशुरामपुर रामेश्वर यादव ने बताया कि नरेंद्र प्रताप सिंह की गिरफ्तारी मंगलवार को दिन में करीब तीन बजे मड़रिया के पास तथा राजेश वर्मा को इसके एक घंटे बाद अरजानीपुर पेट्रोल पंप के पास से की गई है। दोनों आरोपियों को न्यायालय भेज दिया गया है।
उधर, ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से मिलकर ज्ञापन सौंपा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद अध्यक्ष मस्तराम वर्मा, कार्यवाहक अध्यक्ष राम आधार पाल, जिला मंत्री तौलू प्रसाद के साथ ही विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को स्थिति से अवगत कराया। मांग की कि ग्राम पंचायत अधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह एवं अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध दर्ज मुकदमे को समाप्त कराकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
बता दें कि मनरेगा में कमीशन को लेकर सोमवार को परशुरामपुर ब्लऍक मुख्यालय पर जमकर बवाल हुआ था। प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी में गर्मागर्म बहस के बीच हाथापाई की घटना सामने आई। इस दौरान फायरिंग की गई, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। थाने से महज तीन सौ मीटर दूर हुई इस घटना के कुछ ही देर बाद पुलिस पहुंच गई और लोगों को शांत किया।
बाद में दोनों तरफ से पुलिस ने क्राॅस केस दर्ज किया गया, जिसमें ग्राम विकास अधिकारी नरेंद्र सिंह की तहरीर पर करनपुर के ग्राम प्रधान जग नारायण वर्मा के दो बेटे प्रधान प्रतिनिधि राजेश वर्मा तथा बृजेश वर्मा के अलावा 10 से 20 अज्ञात लोगों के विरुद्ध मारपीट तथा तोड़फोड़ करने एवं सरकारी कार्य में बाधा डालने की धाराओं में केस दर्ज किया गया।
वहीं ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजेश कुमार वर्मा ने तहरीर दी कि मस्टर रोल पर हस्ताक्षर कराने के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी नरेंद्र प्रताप सिंह के पास जाने पर उन्हें काॅलर पकड़ कर मारा पीटा गया। उनके साथ खड़े ग्राम विकास ऋतुराज पांडेय ने पिस्टल से दो फायर किए। पुलिस ने ग्राम विकास अधिकारी नरेंद्र सिंह, ग्राम विकास अधिकारी ऋतुराज पांडेय तथा अन्य सहयोगियों पर मारपीट व जानलेवा हमले के आरोप में एफआईआर पंजीकृत की गई।