जिला अस्पताल में कागजों पर मिल रही हैं सुविधाएं
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बस्ती। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधा मिले इसके लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जिला अस्पताल में मरीजों को सिर्फ कागजों पर सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
मेडिकल वार्ड में तकनीकी समस्या के चलते रविवार से पानी ही नहीं रहा। यहां भर्ती मरीज काफी परेशान रहे। आपातकालीन सेवा के तहत तीन मार्च की रात 12 बजे के बाद से चार मार्च को शाम चार बजे तक 45 मरीजों का उपचार हुआ। मरीजों की कम संख्या के बारे में डॉ जलालुद्दीन का कहना था कि शिवरात्रि के चलते ओपीडी बंद थी, इस वजह से मरीज कम ही आए। आम दिनों में हजार से 1200 तक मरीज ओपीडी में आते हैं। उधर, चिल्ड्रेन वार्ड में भी 35 बच्चे भर्ती दिखे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ नवल वर्मा ने कहा कि मौसम परिवर्तन हो रहा है। ऐसे में बच्चों की विशेष देखभाल करने की जरूरत है। बताया कि अस्पताल में अधिकांश बच्चे निमोनिया व कोल्ड डायरिया से पीड़ित होकर भर्ती हैं। अस्पताल के मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही पुलिस बूथ के समीप कूड़े का ढेर लगा हुआ है। शल्य चिकित्सा कक्ष के समीप लगे आरो सिस्टम के आसपास भी गंदगी दिखी। जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। चिल्ड्रेन वार्ड की स्थिति और भी खराब है। यहां की खिड़कियां तक टूटी हुई हैं। बाथरूम में लगी टोटी टूटी होने के चलते सैकड़ों लीटर पानी हर दिन बर्बाद हो रहा है। शौचालयों की स्थिति भी बदतर है। अधिकांश के दरवाजे टूटे हुए हैं। जिनमें दरवाजे लगे हैं, उनका प्रयोग भी गंदगी के चलते लोग नहीं कर रहे हैं। जिला अस्पताल के प्रभारी एसआईसी डॉ राम प्रकाश ने कहा कि मरीजों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाता है। जो कमियां हैं उनमें सुधार की कोशिश की जाएगी।