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Basti News: मनोज और वीरेंद्र का शव पहुंचते ही नम हुई आंखें, गांव में पसरा मातम

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शव आने के बाद जुटी लोगों की भीड़।
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कप्तानगंज। सरयू नदी में सोमवार को डूबे रखिया गांव के मनोज कन्नौजिया और वीरेंद्र चौधरी की मौत के बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है। मंगलवार को शाम चार बजे जब पोस्टमार्टम के बाद दोनों का शव गांव में पहुंचा तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई। मृतकों के परिजन दहाड़े मारकर रोने लगे।
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रखिया गांव में सुबह से ही मनोज और वीरेंद्र के घर रिश्तेदारों और क्षेत्र के लोगाें का आना-जाना लगा रहा। परिजनों की चीख पुकार से पूरे गांव का माहौल गमगीन बना रहा। दोनों का शव पोस्टमार्टम के बाद जब घर पहुंचा तो पूरा इलाका रो पड़ा। अगल-बगल स्थित दोनों के घर के लोग जवान बेटों का शव देखने के बाद फफक पड़े। सड़क से लेकर गांव तक ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। वीरेंद्र के शव से लिपटकर पिता शीतला प्रसाद, मां मीरा देवी बहन आंचल, बड़ा भाई अभिनव चौधरी, सुरेंद्र चौधरी, अनुज चौधरी रो रहे थे। वहीं बगल घर के रहने वाले मनोज कन्नौजिया के घर पर का करुण क्रंदन भी हर किसी को द्रवित कर दिया। मनोज के पिता कृष्णा प्रसाद, माता राधिका, भाई संजय, तुलसीराम बहन रीना, ईशा शव लिपटकर रोते-चीखते रहे। परिजनों ने दोनों शवों का अंतिम संस्कार देर शाम सरयू नदी के उसी चांदपुर कटरिया घाट पर किया जहां एक दिन पहले सोमवार को वह डूब गए थे।

अंतिम संस्कार में गए थे दोनों युवक
रखिया गांव के रहने वाले सूरज चौधरी की रविवार की रात हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। अगले दिन सोमवार को सूरज के शव के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गांव के मनोज कन्नौजिया और वीरेंद्र चौधरी भी गए हुए थे। दिन में एक बजे दुबौलिया क्षेत्र के चांदपुर-कटरिया घाट पर शव के अंतिम संस्कार के बाद जब गांव के लोग नदी में नहाने के लिए गए तो मनोज और वीरेंद्र ने भी साथ नहाना शुरू किया। दोनों का पैर अचानक फिसलने से वह गहरे पानी में चले गए। जिससे दोनों युवक नदी में डूब गए। गोताखोरों की मदद से देर शाम दोनों का शव नदी से बाहर निकाला गया।
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