राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर तीन दिवसीय हड़ताल के पहले दिन तमाम विभागों में कर्मचारियों ने तालाबंदी कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं विकास भवन में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने काम काज ठप कर धरना दिया।
राज्य सरकार की ओर से 10 सूत्रीय मांगो पर ध्यान न दिए जाने के विरोध में बुधवार से कर्मचारियों ने तीन दिवसीय हड़ताल शुरू की। पहले दिन प्रदेश व्यापी हड़ताल के क्रम में विकास भवन, कोषागार, जिल पंचायत, रजिस्ट्री, आईटीआई, व्यापार कर, कृषि, खाद्य एंव रसद, शिक्षा, सिंचाई, लोक निर्माण, उद्यान विभाग, चकबंदी, आरटीओ के अलावा विकास खंड कार्यालय जहां बंद रहे, वहीं कर्मचारी दिन भर नारेबाजी करते हुए प्रदेश सरकार को कोसते रहे।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष मस्तराम वर्मा ने कहा कि कर्मचारियों की सबसे अहम मांग कैशलेस चिकित्सा सुविधा पर उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद भी सरकार टाल मटोल कर रही है। इस कारण प्रदेश के लाखो कर्मचारी व शिक्षक हड़ताल पर जाने को विवश हो गए है। वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष रामअधार पाल, मंत्री तौलू प्रसाद ने कहा कि सरकार ने साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल में केवल वार्ता किया, लिखित आश्वासन देकर कर्मचारियों को धोखा देती रही। कर्मचारी अब सरकार के धोखे में आने वाला नहीं है। विकास भवन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह ने कहा कि इस बार आरपार की लड़ाई होगी। सरकार को कर्मचारियों की मांग माननी ही पड़ेगी।
डिप्लोमा इंजीनियर्स के सचिव एपी सिंह, जेपी कश्यप, कलेक्ट्रेट मिनिस्टीरियल के प्रदेश संयुक्त मंत्री अशोक मिश्र, कोषागार संघ के अध्यक्ष अखिलेश पाठक, मंत्री आलोक श्रीवास्तव, चकबंदी लेखपाल संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार यादव, चकबंदी कर्ता संघ के अध्यक्ष विश्वदेव दूबे, ग्राम विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार यादव, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के उपाध्यक्ष तिलकराम दूबे, सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय कुमार आर्य गन्ना पर्यवेक्षक संघ के अध्यक्ष जीत बहादुर सिंह, ग्राम्य विकास मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ के महामंत्री एसके नंदन आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
इस मौके पर कर्मचारी नेता प्रमोद कुमार शुक्ल, संतोष राव, फुर्तलाल, अवधेश दूबे, अब्दुल्लाह खां, बृजेश कुमार, रामनिवास, उमारमण, श्याम बिहारी, सुभाष मिश्र, नफीस अ हमद, अशोक कुमार पांडेय, हरीराम पाल, राधेश्याम, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, उमेशचंद्र वर्मा, जलालुद्दीन कुरैशी, प्रेमशंकर लाल श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।