बस्ती। नगर निकाय के चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को मतदान हो गया। पहले मतदान..फिर जलपान, यह संकल्प भी बहुत काम नहीं आया। शाम पांच बजे तक मतदान के अंतिम रुझान के मुताबिक 57.19 प्रतिशत ही वोट पड़े। जो 2017 के मतदान से 9.41 फीसदी कम है।
मतदान का रूझान आने के बाद सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवार और उनके समर्थक अब चुनावी गुणा-गणित लगाने में जुट गए। वोट कम पड़े हैं या ज्यादा, जातीय और सामाजिक समीकरण भले कुछ भी संकेत दे रहे हैं पर सभी जीत का दम भरने में पीछे नहीं है। सबका यही कहना है कि जीत जाएंगे हम।
मतदान के शुरुआती रुझान देखने के बाद सभी राजनीतिक दलों के लोगों के चेहरे की हवाइयां गुम हो गई थीं। बूथों से लेकर मोहल्लों में पार्टियों ने सक्रियता बढ़ाई। हालांकि, इसके बाद जब मतदाता निकलने लगे तो थोड़ी राहत की सांस मिली। शाम छह बजे मतदान खत्म होने के बाद जब मतदान के ग्राफ और वार्ड के अनुसार वोटिंग प्रतिशत की जानकारी हुई तो सभी दलों ने चिंतन-मंथन शुरू कर दिया।
विकास, जातीय, अल्पसंख्यक सहित कई समीकरणों के आधार पर अब सभी जीत का दावा करने लगे हैं। चुनावी परीक्षा का असल रिजल्ट 13 मई को मतगणना के बाद ही आएगा, जिसके बाद कहीं खुशी तो कहीं गम का माहौल होगा। लेकिन, अभी तो प्रत्याशियों और उनके समर्थक अपने-अपने समीकरण से जीत के दावे कर रहे हैं।
भाजपा प्रत्याशी सीमा खरे ने कहा कि मतदाताओं का बहुत ही स्नेह और समर्थन मिला है। हालांकि वोटिंग अपेक्षा के मुताबिक कम हुई है। बूथों को दिन भर दौरा किया। जीत के प्रति तो आशान्वित हूं। बहुत सारे फोन मेरे पास आए थे कि उनके परिवार के लोगों का नाम कट गया है। अगर ये वोट पोल होते तो जीत का अंतर और ज्यादा बढ़ जाता। मतदाताओं को हृदय से धन्यवाद देती हूं।
सपा प्रत्याशी नेहा वर्मा ने कहा कि जनता का भरपूर सहयोग मिला। लेकिन भाजपा सरकार के इशारे पर प्रशासन ने तमाम गड़बड़ियां कीं। बड़े पैमाने पर समाजवादी विचारधारा के लोगों का नाम मतदाता सूची से कटवाया गया। चुनाव में शासन-प्रशासन की तरफ से धांधली करने की कोशिश हुई, उसके बावजूद भी जनता ने भरपूर प्यार और आशीर्वाद दिया। इसके लिए वह हमेशा ऋणी रहेंगी।
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कांग्रेस प्रत्याशी शबीहा ने कहा कि चुनाव में जनता का भरपूर समर्थन मिला है। लेकिन, सुनियोजित साजिश के तहत अधिकांश वार्डों में अल्पसंख्यकों के नाम गायब कर दिए गए। इस संबंध में चुनाव से जुड़े प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार बात की गई, लेकिन कोई हल नहीं निकाला गया। वहीं, दल विशेष के लोगों को मतदान केंद्र परिसर में मनमानी की आजादी दे दी गई थी। यह लोकतंत्र के लिए सही नहीं है।
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आम आदमी पार्टी प्रत्याशी विनीता सिन्हा ने कहा कि मतदान को लेकर प्रशासन के इंतजाम बेहद खराब थे। प्रत्याशी को भी बूथ के अंदर नहीं जाने दिया जा रहा था। आम आदमी पार्टी को इस चुनाव में पूर्ण बहुमत मिलने जा रहा है। लोगों में मतदान के प्रति उत्साह था। लोगों ने पार्टी का पूरा समर्थन करते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। मतदाताओं ने जो स्नेह और समर्थन दिया है उसके लिए आभार जताता हूं।
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बसपा प्रत्याशी प्रीति त्रिपाठी ने कहा कि नगर निकाय के चुनाव को लेकर लोगों में उत्साह था। यही उत्साह बसपा को जीत भी दिलाएगी। बसपा के कार्यकर्ताओं ने काफी मेहनत की है। इसका असर चुनाव में साफ दिख रहा था। लोगों ने बसपा को खुलकर सपोर्ट किया है। जीत के प्रति आश्वस्त हूं। मतदाताओं को समर्थन के लिए धन्यवाद देती हूं।