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हर दिन मुंबई से गांव पहुंच रहे कई लोग, सबकी नहीं हो रही कोविड जांच

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हर दिन मुंबई से गांव पहुंच रहे कई लोग, सबकी नहीं हो रही कोविड जांच
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बस्ती। हाल के दिनों में मुंबई से जिले में आने वाले हजारों यात्रियों में से मात्र 22 सौ की जांच हो सकी है। 13 मार्च से अब तक जिले में मुंबई और कोरोना प्रभावित अन्य राज्यों से काफी संख्या में लोग अपने गांवों के लिए लौटे हैं। इनमें से कुछ की ही जांच हो पाई। इससे लोगों में कोरोना संक्रमण के दोबारा फैलने का खतरा बढ़ गया है।
इसे देखते हुए ग्रामीण क्षेत्र में एक नोडल अधिकारी की तैनाती के साथ ग्राम निगरानी समिति को सक्रिय किया गया है। मगर गांवों तक अब भी जांच का दायरा नहीं बढ़ सका है।
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सप्ताह में तीन दिन मुंबई से तीन और तीन दिन चार ट्रेनें आती हैं। इन ट्रेनों से तकरीबन एक से डेढ़ हजार लोग जिला मुख्यालय के रेलवे स्टेशन पर उतरते हैं। मुंबई से आने वाले लोगों की जांच की व्यवस्था रेलवे स्टेशन पर प्रशासन ने की है। मगर यहां हर दिन औसतन 130 लोगों की ही जांच तीनों ट्रेन में हो पाती है। ऐसे में शेष यात्री बिना जांच के ही चले जाते हैं।
चूंकि वहां लगाई गई टीम के पास ऐसा कुछ नहीं है कि वे सभी को रोक कर जांच कर सकें। ऐसे में जिसकी मर्जी हुई, जांच कराता है। जिसकी नहीं हुई, वह चला जाता है। इन स्थितियों के चलते हर दिन गांवों में सैकड़ों लोग मुंबई से पहुंच रहे हैं और वहां जांच की कोई व्यवस्था अभी नहीं कराई गई है।
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कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ. अजीत कुशवाहा ने कहा कि यह सही है कि औसतन डेढ़ से दो हजार यात्री हर दिन यहां आते हैं, मगर जांच उस स्तर पर नहीं हो पा रही है। ऐसे में लोग अपने-अपने गांव घर चले जाते हैं। गांव में भी यदि जांच की व्यवस्था बना दी जाए तो बेहतर परिणाम होगा और अधिक जांच होने से लोगों में कोरोना का खतरा नहीं होगा। ग्राम निगरानी समिति को और सक्रिय करने की भी जरूरत है।
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