दीपो व झालरों से जगमगाया शहर से गांव गलीसंवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। राम उत्सव को दीपावली से भी भव्य मनाया गया। सरकारी अधिष्ठानों से लेकर घरों तक को सजाया गया है। भव्यता ऐसी कि आंखें सारा मंजर नहीं दिखा पा रही हैं। रामधुन पर सुगंधित धूप, दीप व अगरबत्तियां दिनभर वातावरण में सुगंध बढ़ाती रहींं। शाम होते ही लकदक करती बिजली के झालर व दीपाें से दुकानो व घरों में रोशनी सज गई।
दीपोत्सव जैसा माहौल प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर है। शहर के गांधी नगर, पुरानी बस्ती, दक्षिण दरवाजा कंपनी बाग में सजावट के चलते दीपावली का लोगों को अहसास हुुआ। शहर तो शहर गांव गलियो में भी रोशनी की छटा बिखरी ऐसा महसूस हो रहा था मानो प्रभु श्रीराम के स्वागत मेंं सब कुछ न्यौछावर करने की इच्छा है।
गांधी नगर बाजार तो माने दुल्हन की तरह सज गई। सरकारी व गैर सरकारी भवनों को भी लोगों ने सजा दिया। दीप उत्सव की इस छटा के बीच पटाखों की आवाज अपने ईष्ट श्रीराम के आने की उम्मीद लिए नजर आई।
कंपनी बाग में तो सिखों ने खूब धूम मचाया। दिन भर लंगर चला तो शाम को दीपोत्सव हुआ। लोगों ने मिठाई खिलाकर जय श्रीराम का जयघोष किया।
शहर के अलावा भानपुर, सल्टौआ, सोनहा,वाल्टरगंज, मुंडेरवा, ओडवारा, कलवारी, कुदरहा, गायघाट सहित सभी कस्बों व इससे जुड़े गांव भी रोशन हो उठे। हर्रैया की बात ही अलग है। हर्रैया के तपसी धाम मंदिर को 25 हजार दीपों की माला से सजाया गया, जबकि मखौड़ा में पचास हजार व श्रृंगीनारी धाम को भी दीपो से सजा दिया गया।
मखौडा धाम के महंथ सूर्य नारायण दास वैदिक ने कहा कि प्रभु के जन्मकारक स्थान को अयोध्या की तरह ही मान्यता है। प्रभु आए हैं तो उनका स्वागत किया जा रहा है।