विक्रमजोत क्षेत्र में किनारे कटान कर रही सरयू नदी।
विक्रमजोत/दुबौलिया। सरयू नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। नदी लाल निशान के करीब पहुंच गई है। विकास क्षेत्र में नदी का जलस्तर कम होते ही किनारों पर कटान तेज है। बाढ़ खंड की टीम लगातार सुरक्षा उपायों में जुटी हुई है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार सोमवार को नदी का जलस्तर 92.80 मीटर पर रिकार्ड किया गया है। यह लाल निशान से करीब 7 सेमी ऊपर है।
सरयू नदी के जलस्तर में कमी के चलते किनारों पर कटान होने लगी है। विकास क्षेत्र के रानीपुर कठवनियां, केशवपुर, कल्यानपुर के पड़ाव संदलपुर, कन्हईपुर, सरवरपुर, नरसिंहपुर, पकड़ी संग्राम, अर्जुनपुर आदि जगहों पर नदी का दबाव बढ़ गया है। विक्रमजोत क्षेत्र में तीन संवेदनशील कटान स्थल अर्जुनपुर, कन्हईपुर और संदलपुर में बाढ़ विभाग तेजी से कटान रोधी कार्य में जुटा हुआ है। सोमवार को तटबंध पर बने रेनकट भरने का कार्य ठप रहा।
एलवी तटबंध के संदलपुर में दोनों स्परों पर रेनकट अब भी अधूरे हैं। जबकि बाढ़ खंड सभी रेनकट को भरने का दावा कर रहा है। सोमवार को अवर अभियंता बाढ़ खंड शिवचरन की देखरेख में एलबी तटबंध के संदलपुर में संवेदनशील स्थलों पर परक्यूपाइन लांच कर कटान रोधी कार्य कराया गया। अवर अभियंता ने बताया कि अभी तक संवेदनशील स्थलों पर अभी 314 परक्यूपाइन लांच किया जा चुका है। सोमवार को आबादी वाले क्षेत्र को कटान से बचाने के लिए 29 परक्यूपाइन क्रेन की मदद से पानी की धारा में लांच कराया गया है।
दुबौलिया संवाद के मुताबिक घटते जलस्तर से माझा की दूसरी सोती में तेजी से कटान हो रहा है। बाढ़ प्रभावित गांव सुविका बाबू के रास्ते से पानी तेजी से उतर रहा है। देवारागंगबरार के निवासी राम सूरत, सीताराम, पंचम, शिव राम आदि ने बताया की माझा की दूसरी सोती में तेजी से कटान हो रहा है। मैरुंड गांव में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा है। कटरिया-चांदपुर तटबंध के कटरिया गांव के सामने ठोकर नंबर एक पर दबाव बना हुआ।