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बहिष्कार खत्म,मूल्यांकन में आई तेजी

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जीआईसी में कॉपियों का मूल्यांकन करते शिक्षक। - फोटो : अमर उजाला
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बस्ती में बकाया पारिश्रमिक को लेकर नाराज परीक्षकों और शर्मा गुट से जुड़े शिक्षकों तीन दिन से चला आ रहा मूल्यांकन बहिष्कार संयुक्त निदेशक (शिक्षा) के हस्तक्षेप के बाद सोमवार को समाप्त हो गया। इसके बाद चारों मूल्यांकन केंद्रों में तेजी आई और सोमवार को कुल 54825 कापियों का मूल्यांकन हुआ।  
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  सोमवार को मूल्यांकन कार्य शुरू होते ही शर्मा गुट के शिक्षकों ने केंद्रों पर जाकर बहिष्कार करना शुरू कर दिया, जिसके चलते कुछ सेंटरों पर बहिष्कार का प्रभाव कुछ समय के लिए अवश्य रहा। उसके बाद  संयुक्त निदेशक (शिक्षा) एबी चतुर्वेदी ने जब बहिष्कार कर रहे शिक्षकों के पदाधिकारियों से वार्ता किया तो शिक्षकों ने अपने बहिष्कार को वापस कर लिया। शर्मा गुट के माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शिवपाल सिंह ने बताया कि बहिष्कार को स्थगित कर दिया गया है। 
पांच दिन में जांची गईे 17 प्रतिशत कापियां ः 13 दिन में चार केंद्रों पर आठ लाख 48 हजार 18 कापियों का हर हाल में मूल्यांकन होना है। पांच दिन में जो स्थित सामने आई उसे देखकर नहीं लगता कि समय से कापियों का मूल्यांकन हो सकेगा। पांच दिन में मात्र एक लाख 46 हजार 982 कापी जांची जा चुकी है, जो कि 17 प्रतिशत है। सक्सेरिया स्कूल में रविवार तक 42327 कापियां जांची गई, जबकि लक्ष्य एक लाख 29 हजार 763 का है। श्रीकृष्ण इंटर कालेज में एक लाख 34 हजार 847 के सापेक्ष 32000 का मूल्यांकन हुआ। इन दोनों स्कूलों में हाईस्कूल की कापियों का मूल्यांकन हो रहा है। राजकीय इंटर कालेज में दो लाख 78 हजार 383 के सापेक्ष 72655 कापियों का मूल्यांकन हुआ। इसी तरह राजकीय गर्ल्स इंटर में पांच लाख 83 हजार 408 कापियों के जांचने का लक्ष्य है, मगर अभी तक 46 हजार ही कापियां जांची जा चुकी हैं।
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‌फिजिक्स के परीक्षकों का संकट बरकरार ः राजकीय इंटर कालेज में इंटर के फिजिक्स विषय की कापियों का मूल्यांकन हो रहा है, यहां पर कुल 47 हजार फिजिक्स विषय की कापियां चेक होनी है। इसके लिए बोर्ड द्वारा 90 परीक्षकों की तैनाती की गई, मगर जब कॉपी जांचने की बारी आई तो मात्र 42 ही परीक्षक मिले। पांच दिनों में मात्र 3766 कापियां ही जांची जा सकीं। डीआईओएस डाक्टर राजेश कुमार आर्य ने बताया कि यह सही है कि फिजिक्स विषय के परीक्षक कम हैं, मगर इसकी भरपाई वित्त विहीन विद्यालयों के परीक्षकों से की जाएगी। इसके लिए सभी प्रधानाचार्यों को पत्र लिखा गया है, बताया कि जो भी विद्यालय परीक्षक नहीं देंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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