बस्ती। साइबर अपराधियों ने अब तक लोन देने के नाम पर जालसाजी की घटनाएं की। मगर, अब किस्त जमा करने या लेट पेमेंट से सिविल स्कोर खराब होने का झांसा देकर जालसाज खाता खाली करने लगे हैं। सबसे बड़ी बात कि जालसाज सुबह दस बजे से पहले ही फोन करते हैं, जब बैंक खुला भी नहीं रहता है।
जल्दबाजी में लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते हैं और भेजे गए लिंक पर क्लिक कर देते हैं, जिसके बाद खाते में किश्त जमा करने के बाद बची रकम जालसाज के खाते में चली जाती है। जानकारी के मुताबिक, साइबर अपराधी लोन की ईएमआई देने वालों को काॅल कर उन्हें लोन की रुकी ईएमआई देने के लिए फोन पे, गूगल पे या संभावित फर्जी आईडी पर खुलवाए बैंक खाते में जमा करने के लिए कहते हैं। ईएमआई भरने वाले साइबर अपराधियों के झांसे में आकर अपनी किश्त की रकम साइबर अपराधियों के बताए गए फोन पे, गूगल पे व बैंक खाते में ट्रांसफर कर देते हैं।
हथकंडाें से रहें सावधान, करें शिकायत
- आईजी आरके भारद्वाज ने बताया कि साइबर अपराधियों ने लोगों को फंसाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाना शुरू कर दिया है। उनके किसी तरह के झांसे में आने से बचने के लिए सावधान रहने की जरूरत है। फोन पर किसी लेनदेन के बारे में बिना अच्छी तरह से जांच-पड़ताल किए बिना आगे नहीं बढ़ना चाहिए। ऐसी किसी तरह की चूक हो जाने पर फौरन साइबर सेल में शिकायत करनी चाहिए।
ये बरतें सावधानियां
- लोन ईएमआई के लिए फोन आए तो बैंक में जाकर पता करें, ऑनलाइन लेनदेन न करें।
- सुबह दस बजे से पहले फोन आने पर खुद ही सोच लेना चाहिए कि बैंक खुला ही नहीं होगा।
- किसी को भी ओटीपी या फिर खाते की जानकारी न दें।
- काॅल करने वाले व्यक्ति की ओर से दिए गए फोन पे, गूगल पे व बैंक खाता में ईएमआई के नाम पर कोई भी धनराशि जमा न करें।
- अगर साइबर अपराधी के झांसे में आकर आकर ईएमआई की किश्त के नाम पर धनराशि जमा कर दी गई है तो तत्काल अपने बैंक व साइबर सेल को सूचित करें।