बस्ती। सफाई कर्मियों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था लड़खड़ा गई है। तीन दिन से शहर में न तो झाड़ू लगा और न ही कूड़ा उठ सका। इससे अधिकतर इलाकों में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे रहे। मजबूरी में लोगों को गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। जिम्मेदारों ने दावा किया है कि जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
आबादी क्षेत्र से कूड़े को निकालने के लिए शहर में बनाए गए प्वाइंट के साथ ही सड़कों पर कूड़ा एकत्र होने से परेशानी हो रही। रोजाना सुबह पालिका के संसाधनों की मदद से सफाई कर्मी कूड़ा उठाते हैं, लेकिन सफाई कर्मियों ने बकाया मानदेय, एरियर भुगतान, बोनस आदि की मांग की अनदेखी से आहत होकर पालिका के सफाई कर्मियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। इसके चलते सोमवार को भी शहर में सफाई व्यवस्था का कार्य बंद रहा, जिससे मुख्य मार्गोंं से लेकर गली-मोहल्लोंं में गंदगी के ढेर लग गए।
कूड़ा केंद्रों पर डाली गई गंदगी सड़कों तक फैल गई। इससे लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ा।
कई जगह पर जलभराव के बीच गंदगी फैली होने से दुर्गंध ने भी लोगों को परेशान किया। गांधीनगर, मालवीय रोड, फव्वारा तिराहा, बीडीए कार्यालय, तहसील गेट, कंपनीबाग, आवास विकास कॉलोनी, मंगल बाजार, पांडेय बाजार समेत अन्य मोहल्ले व गलियों के पास गंदा पानी और कूड़े के ढेर लगे होने से असुविधाएं हावी रहीं।
लोगों को कूड़े के ढेर के बगल से मुंह पर रूमाल रखकर आना जाना पड़ा। दुर्गंध के चलते परेशानी हुई। समस्याओं के समाधान के आश्वासन पर कर्मचारी हड़ताल स्थगित करते हुए मंगलवार से काम पर लौटने के लिए राजी हुए। कर्मचारियों ने कहा कि यदि मांग पूरी नहीं होने पर फिर से हड़ताल शुरू करेंगे।
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