- दुर्घटना व आग लगने पर जानलेवा हो सकती है यह लापरवाही
- कई सालों से न खुलने के कारण हो गए हैं जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। रोडवेज व अनुबंधित बसों के आपातकालीन द्वार जरूरत पड़ने पर खुल नहीं सकते हैं। जाम हो जाने के कारण अधिकांश बसों के इमरजेंसी द्वार आसानी से नहीं खुलते हैं। दुर्घटना व आग लगने पर यह लापरवाही जानलेवा तक हो सकती है। रोडवेज की बसों से प्रतिदिन आठ से 10 हजार यात्री यात्रा करते हैं।
बृहस्पतिवार को हमने इनकी स्थिति जानने के लिए बसों की पड़ताल किया तो सरकारी सहित अनुबंधित बसों में इमरजेंसी द्वार जाम मिला। हमने कुछ बसों के द्वार खोलने का भी प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हुए। पड़ताल में किसी बस के इमरजेंसी गेट का हैंडल वाला लीवर खराब मिला तो किसी में लीवर गायब मिला। बस चालकों ने बताया कि वर्कशॉप में इमरजेंसी द्वार के रख-रखाव पर ध्यान नहीं दिया जाता है। जिससे यह जाम हो गया है। यदि द्वार का लॉक तो दिया जाए तो भी यह नहीं खुलेगा। कमोबेश, यही हाल अनुबंधित बसों का भी। उनमें में भी आपातकालीन द्वार जाम हैं। कुछ में तो लीवर भी नहीं है। एआरएम ने बताया कि यात्रियों की सुविधा व सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाता है। जिन बसों की इमरजेंसी डोर में खामी है उन्हें ठीक कराया जाएगा।
कई साल से न खुलने से हो गए खराब
- रोडवेज बस के एक चालक ने बताया कि कई सालों से बसों में बन आपातकालीन गेट न खुलने के कारण यह जाम हो गए हैं। सर्विस के दौरान यदि वर्कशॉप में गेट खोलकर व बंदकर जांच कर ली जाए तो यह जाम नहीं होंगे और जरूरत पड़ने पर आसानी से खुल जाएंगे।