बस्ती। पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने बृहस्पतिवार को मुख्य अभियंता कार्यालय में विरोध सभा की।
कर्मचारी नेताओं ने इस दौरान हुई सभा में कहा कि बिजली कर्मचारियों की यह विरोध सभा बिजली निगमों के निजीकरण के खिलाफ है। अभी बिजलीकर्मी केवल विरोध सभा कर रहे हैं न की कोई कार्य बहिष्कार। संघर्ष समिति भी चाहती है कि आम उपभोक्ताओं को सुचारु रूप से बिजली मिलती रहे।
यह आंदोलन केवल बिजली कर्मचारियों का नहीं है, इसमें आम जनता का हित भी शामिल है। संघर्ष समिति के सह संयोजक एवं उप खंड अधिकारी पंकज कुमार ने कहा कि यदि बिजली व्यवस्था निजी कंपनियों के हाथ में चली गई तो छोटे उपभोक्ताओं की बिजली भी महंगी हो जाएगी।
इस दौरान संघर्ष समिति से जुड़े सदस्य बड़ी संख्या में मुख्य अभियंता कार्यालय में जुटे। कर्मचारी नेताओं ने जमकर नारेबाजी की और कर्मचारी एकजुटता का आह्वान किया। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि केवल बृहस्पतिवार को ही पूरे दिन विरोध सभा आयोजित की गई थी। शुक्रवार से फिर यह आंदोलन यथावत दोपहर दो बजे से पांच बजे तक चलेगा। समिति के लोगों ने कहा कि बिजली कंपनियों का निजीकरण किसी भी हाल में नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। सरकार को हमारी मांगे हर हाल में माननी पड़ेंगी।
ऊर्जा एप से हाजिरी का विरोध
बिजली कर्मचारियों ने ऊर्जा एप से हाजिरी का विरोध किया। बृहस्पतिवार को पूरे दिन अधिशासी अभियंता मीटर के कार्यालय में हलचल रही। बताया जा रहा है कि ऊर्जा एप से कर्मचारियों की हाजिरी को अनिवार्य किया जा रहा है। इस एप पर फेशियल हाजिरी होनी है जबकि कर्मचारी इस एप का विरोध कर रहे हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि यह एप सुरक्षित नहीं है। इस एप को मोबाइल में लोड करने के बाद उन्हें कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं। यदि उनकी बायोमैट्रिक हाजिरी ली जाए तो उन्हें कोई एतराज नहीं है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता मीटर पराग भारद्वाज ने कहा कि इस संबंध में निगम मुख्यालय से जो आदेश मिलेगा, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।