बस्ती। जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था धड़ाम हो गई है। शनिवार को तो हद हो गई। दिन भर आती-जाती रही बिजली रात में पूरी तरह बाधित हो गई। इसके बाद फिर सुबह गिदही स्थित ग्रिड की मरम्मत के चलते मंडल भर में ब्लैक आउट हो गया। रात भर उमस और गर्मी से परेशान लोगों के रविवार का दिन भी दोपहर तक बिजली अनापूर्ति की मार के बीच गुजरा।
अघोषित कटौती के चलते हाहाकार मच गया, मगर जिम्मेदार मोबाइल उठाने से बचते रहे। निगम के खेल पर नजर डालें तो ट्रांसमिशन के अधिकारी बताते हैं कि 20 घंटे आपूर्ति दी गई, मगर कागज में बीस तो हकीकत में महज दस से बारह घंटे की आपूर्ति ही मिल रही है। शुक्रवार की रात से बिजली का खिलवाड़ शुरू हुआ तो रविवार की दोपहर तक जारी रहा। आधे घंटे की आपूर्ति फिर घंटे भर की कटौती का सिलसिला शनिवार को दिन भर चला तो रविवार तक जारी रहा। इसके चलते जहां लोगों की नींद उड़ गई, वहीं लोगों की दिनचर्या पर भी इसका असर रहा। जुलाई माह में गिदही पॉवर हाउस की क्षमता बढ़ाने को लेकर तीन दिनों तक उपभोक्ताओं को कटौती की मार झेलनी पड़ी। इसके बाद उम्मीद पर व्यवस्था खरी न उतर सकी। तभी से आपूर्ति की स्थिति और दयनीय हो गई है। निगम के जिम्मेदार इसका ठीकरा जर्जर तारों और लोकल फाल्ट के सिर फोड़कर अपनी जिम्मेदारी से बचते फिर रहे हैं। इसका खामियाजा शुक्रवार से लेकर रविवार तक जिले के लोगों ने भुगता।
ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति की स्थिति बदतर
नगर बाजार। उमस भरी भीषण गर्मी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ऊपर से लगातार हो रही विद्युत की अघोषित कटौती ने लोगों की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। लोकल फॉल्ट तो आम बात है। इन स्थितियों में नगर खास, झमईजोत, राजघाट, फुलवरिया, हरनखा, भतरिन्हाजोत, भैरोपुर, गोसाईजोत, मसहा, बभनियाँव, बिरऊपुर, लखनहट, खड़ौआ, पोखरनी, अठदमा समेत तमाम दर्जनों गांव अंधेरे मे डूब जाते हैं। इसे ठीक कराना भी आसान नहीं है। क्योंकि निगम के अधिकारी तो सुनते नहीं, स्थानीय स्तर पर लगाए गए कर्मी भी ऐसे में हाथ झाड़ लेते हैं।
नगर कस्बा निवासी पंकज सोनी ने बताया कि दर्जनों गांवों को बिजली की सप्लाई चौबाह विद्युत फीडर से की जाती है। यहां से सप्लाई के बाद लोकल फॉल्ट होने का सिलसिला शुरू हो जाता है। तमाम मिन्नतों के बाद यदि लाइनमैन ठीक भी कर दें तो कुछ ही देर में फिर वहीं हालात पैदा हो जाते हैं। क्षेत्र के आदर्श गुप्ता, अजय पटवा, घनश्याम, तुलसीराम, गंगाराम, शाबान अली, इंदल चौधरी ने बिजली व्यवस्था पर नाराजगी जताई है। सल्टौआ प्रतिनिधि के अनुसार बिजली कटौती रात भर उपभोक्ताओं को परेशान करती रही। क्षेत्र के विभिन्न गांवों को भानपुर व बघौड़ी फीडर से आपूर्ति दी जाती है। शनिवार को बिजली ने खूब रुलाया। क्षेत्र के मुन्ना पांडेय, नईम शाह, राजेश पांडेय, रामनयन पांडेय, विनोद कुमार ने बताया कि रातभर बिजली कटौती ने परेशान कर दिया। यह क्रम लगातार जारी है। अब इसके लिए सड़क पर उतर कर विरोध करना ही एकमात्र रास्ता बचा है। विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता एके सिंह ने बताया कि रात में बिजली कटौती का कारण कई स्थानों पर तारों का डैमेज होना था। जिसे ठीक कराया जा रहा है। सुबह आठ बजे ट्रांसमिशन में कार्य के चलते आपूर्ति बाधित की गई थी। जिले भर में लाइनों पर काम चल रहा है। इसलिए दिक्कत आ रही है। कुछ ही दिनों में व्यवस्था चाक-चौबंद हो जाएगी।