लकड़ी के खंभे के सहारे आ रही बिजली
- शहर के न्यू मड़वानगर कॉलोनी का हाल
- 50 से डेढ़ सौ मीटर दूर तक केबल के सहारे हो रही बिजली आपूर्ति
बस्ती। शहर से सटे न्यू मड़वानगर कॉलोनी में लकड़ी के खंभे के सहारे बिजली कनेक्शन दे दिया गया। बांस बल्ली के सहारे करीब डेढ़ सौ मीटर दूर तक कनेक्शन दिया गया है। जबकि खंभे से 40 मीटर दूरी तक ही कनेक्शन दिया जा सकता है। लकड़ी के खंभे तार सहित कई जगह जमीन पर झुक गए हैं। जिससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है।
न्यू मड़वानगर कॉलोनी में विद्युत वितरण खंड प्रथम (नगरीय) के बड़ेवन 33/11 केवी उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति दी जाती है। करीब 50 घरों की कॉलोनी में विद्युत निगम की अनदेखी के चलते लोगों की समस्याएं दिनों दिन बढ़ती जा रही है। कॉलोनी के लोग बताते हैं कि कई बार बिजली अधिकारियों से स्थायी खंभे लगाने की मांग की गई, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। कॉलोनी के दिनेश चंद्र दुबे बताते हैं कि ये नई कॉलोनी अभी बस रही है। इसके बावजूद यहां मूलभूत सुविधाओं के लिए सरकारी महकमे कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। खंभों के लिए अधिशासी अभियंता से करीब पांच साल से शिकायत कर रहे हैं। इसके बावजूद बांस-बल्ली के सहारे बिजली कनेक्शन दिया जा रहा है। अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि स्थायी खंभे न होने से कभी केबल टूटकर गिरता है तो कभी लकड़ी के खंभे। जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। सब कुछ जानकर भी बिजली निगम मूक साधे हुए है।
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रीवैंप योजना के तहत बनाई जाएगी लाइन
नई मड़वानगर कॉलोनी में नई लाइन बनाने के लिए रीवैंप योजना में प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। दिसंबर से जिले में योजना शुरू हो रही है। इसके बाद कॉलोनी में स्थायी लाइन का निर्माण शुरू हो जाएगा।
मनोज गौड़, अधिशासी अभियंता, नगरीय