बस्ती। चुनाव के लिए पूरे मंडी परिसर का अधिग्रहण कर लिया है। मंडी परिसर ऐसी सभी गतिविधियों का मुख्य केंद्र के रूप में कार्य करेगा। सोमवार को ईवीएम का स्ट्रांग रूम, डिस्पैच सेंटर, कलेक्शन सेंटर और मतगणना केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
डीएम डॉ. राजशेखर ने बताया कि रेंडमाइजेशन के बाद ईवीएम का स्ट्रांग रूम के अलावा परिसर को 11 मई को पोलिंग पार्टियों की रवानगी का और 12 मई को मतदान के बाद मतदान युक्त ईवीएम का संग्रह केंद्र और स्ट्रांगरूम के अलावा मंडी परिसर को मतगणना केंद्र के रूप में भी इस्तेमाल होगा। एडीएम और पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया कि वे 25 मार्च तक स्ट्रांग रूम, डिस्पैच सेंटर, कलेक्शन सेंटर और मतगणना केंद्र के विभिन्न आयामों का संपूर्ण साइट मैप तैयार कर लें, ताकि ईसीआई (इलेक्शन कमीशन आफ इंडिया) की समय से मंजूरी मिल सके। डीएम के अनुसार पिछले 10 दिनों के भीतर स्ट्रांग रूम के लिए 23 कमरों और कंट्रोल रूम, रिपोर्ट सेंटर, पुलिस, मीडिया आदि के लिए 10 अन्य कमरों की मरम्मत कराई गई है। डीएम ने स्ट्रांगरूम की सुरक्षा में तैनात पीएसी और पुलिस बलों के लिए 25 मार्च तक शौचालयों की मरम्मत के लिए जिला पंचायत के एएमए को 25 मार्च तक निर्देशित किया है। ईवीएम के स्ट्रांगरूम के लिए 25 मार्च तक 10 सीसीटीवी कैमरे लगा दिए जाएंगे।
तीन विधानसभा क्षेत्रों के वाहनों की पार्किंग के लिए पॉलिटेक्निक परिसर के कुछ हिस्से का भी अधिग्रहण किया है। जहां डिस्पैच (11 मई) और कलेक्शन (12 मई) के दिन 600 से अधिक बसें और अन्य वाहन रहेंगे। मतदान युक्त ईवीएम, स्ट्रॉग रूम और मतगणना काय के लिए, पूरे परिसर में तीन स्तरीय सुरक्षा निगरानी की जाएगा। वाह्य क्षेत्र सिविल पुलिस व आंतरिक क्षेत्र पीएसी और ईवीएम की सुरक्षा सीपीएमएफ के जिम्मे होगी। इस दौरान एसपी पंकज कुमार , सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय, एडीएम रमेश चंद्र, एसडीएम सदर, सीओ सिटी, डीडीसी मंडी, डीडीए मंडी, मंडी सचिव, एई पीडब्ल्यूडी, एसओसी चकबन्दी, एआरटीओ और अन्य अधिकारी शामिल रहे।
सेक्टर मजिस्ट्रेट देंगे प्रशिक्षण का इम्तिहान
बस्ती। लोकसभा सामान्य निर्वाचन ड्यूटी के प्रशिक्षण के बाद सभी सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट अपने ज्ञान और प्रशिक्षण के बारे में इम्तिहान देंगे। जो अधिकारी इस टेस्ट में पास नहीं होगा उसे तब तक बार-बार प्रशिक्षण में भाग लेना पड़ेगा, जब तक वह अपने कर्तव्य और दायित्व के बारे में अच्छी प्रकार से दक्ष नहीं हो जाएंगे।
सोमवार को भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह में सेक्टर एवं जोनल मजिस्ट्रेटों की एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं कार्यशाला के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम डॉ. राज शेखर ने यह हिदायत दी। कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार जिला चुनाव कार्यालय सेक्टर मजिस्ट्रेट गण को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार कर रहा है। इसीलिए उन्हें ईवीएम, वीवीपैट हैंडलिंग, पीठासीन अधिकारियों की ड्यूटी, बूथ स्तर की गतिविधियों, सभी की समय पर रिपोर्टिंग, बूथों की तैयारी का और कानून व्यवस्था कायम रखने का भी प्रशिक्षण दिया गया। सेक्टर मजिस्ट्रेट गण मतदान पार्टियों से संबंधित सभी मुद्दों, बूथों पर सुविधाओं, ईवीएम ईश्यू और कानून व्यवस्था संपर्क करने के प्रथम प्वाइंट हैं, ऐसे में डीएम चाहते हैं कि उन्हें सभी पहलुओं के बारे में अच्छी तरह से प्रशिक्षित किया जाए। इसके बाद सेक्टर मजिस्ट्रेट आने वाले दिनों में सभी गतिविधियों के लिए मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण देंगे।
इस बार सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण और समझने के लिए एक विशेष वीडियो तैयार किया है। निर्वाचन कार्यालय ने सेक्टर मजिस्ट्रेटों के 15 मिनट के दो वीडियो में एक सेक्टर मजिस्ट्रेट और दूसरा पीठासीन अधिकारियों/मतदान टीम (30 मिनट) के लिए है। इन दोनों विडियो सेक्टर मजिस्ट्रेटों के प्रशिक्षण में दिखाया गया। सेक्टर मजिस्ट्रेटों के हैंड्स ऑन ट्रेनिंग के लिए अटल प्रेक्षागृह में 20 सेट्स ईवीएम भी प्रदर्शित किए गए, ताकि वे अपनी भूमिका तय कर सकें। ईवीएम मशीनों के बेहतर संचालन के लिए इसकी अनिवार्य रूप से जानकारी आवश्यक है। कार्यशाला में सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय, एडीएम रमेश चंद्र, सभी एसडीएम, तहसीलदार, पीडी डीआरडीए, जिला कृषि अधिकारी एवं 170 से अधिक जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट शामिल हुए।