कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम अंद्रा वामसी ने अधिकारियों के साथ किया बैठक।
बस्ती। प्रसूताओं को गुमराह कर निजी अस्पतालों में पहुंचाने वाली चिह्नित आठ आशा कार्यकर्ता बर्खास्त की जाएंगी। डीएम अंद्रा वामसी ने संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारियों को इस आशय का निर्देश दिया है।
वह कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक ले रहे थे। जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को औसत 74 प्रतिशत से कम भुगतान पाए जाने पर डीएम ने गौर, रुधौली के प्रभारी चिकित्साधिकारी के वेतन रोकने तथा मेडिकल काॅलेज के प्रधानाचार्य से स्पष्टीकरण तलब किए जाने का निर्देश दिया है। टीबी अस्पताल में रोगियों की सुविधाओं के लिए प्राप्त धनराशि व्यय न किए जाने पर टीबी हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. रामप्रकाश का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। योजनाओं की धीमी प्रगति डीएम ने अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. एके मिश्र से भी स्पष्टीकरण तलब किया है। वहीं रुधौली के प्रभारी चिकित्साधिकारी का स्थानांतरण करने का निर्देश दिया है। उन्होंने पर्याप्त संख्या में एएनएम की उपलब्धता के बावजूद 14 रिक्त उपकेंद्रों पर तत्काल एएनएम नियुक्त किए जाने को कहा। 82 आशा कार्यकर्ताओं की रिक्तियों को भरने के साथ ही हेल्थ वेलनेस सेंटर के कायाकल्प किए जाने के भी डीएम निर्देश दिए हैं। कहा कि सभी सेंटरों पर तत्काल विद्युत कनेक्शन दिलाए जाए।
डीएम ने कप्तानगंज के बरहटा, विक्रमजोत के सवेरा तथा साॅऊघाट के गंधरिया में स्वास्थ्य उपकेंद्र के निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराने के लिए संबंधित एसडीएम को निर्देशित किया। सीडीओ जयदेव सीएस को जिम्मेदारी दी कि बैठक में लिए गए निर्णयों का अनुपालन कराना सुनिश्चित करें। सभी 14 सीएचसी पर एक प्रभारी चिकित्साधिकारी के साथ दो मेडिकल ऑफिसर तथा सभी 39 पीएचसी पर एक मेडिकल ऑफिसर की तैनाती सुनिश्चित किया जाए। सभी 369 सब सेंटर पर कम से कम एक एएनएम की अवश्य तैनाती की जाए।
इस मौके पर डीपीएम राकेश पांडेय, सीडीओ जयदेव सीएस, सीएमओ डाॅ. आरपी मिश्रा, एसीएमओ एके मिश्रा आदि मौजूद रहे।