सवारी के अभाव में बस्ती डिपो में खड़ी बसें संवाद
बस्ती। कोहरा और शीतलहर से आम जनजीवन बेहाल है। इसका सबसे ज्यादा असर परिवहन पर पड़ रहा है। सवारी की आमद कम होने से अधिकतर रोडवेज बसें बेड़े में ही खड़ी रह जा रही हैं। प्रतिदिन तीन से चार लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।
बस्ती डिपो में 102 बसें निगम की हैं। वैसे तो सर्दी का असर हर तरफ है, लेकिन सबसे ज्यादा असर परिवहन निगम पर पड़ रहा है। सर्दी और शीतलहर में रोडवेज बसों की आय में काफी गिरावट आई है। इससे डिपो को रोजाना नुकसान उठाना पड़ रहा है। आम दिनों में जहां डिपो से प्रतिदिन 12 से 15 लाख तक आय होती थी, वहीं अब बमुश्किल से आठ से 10 लाख रुपये की कमाई हो पा रही है।
कारण ठंड और गलन से सवारियां सफर में कम निकल रही हैं। बसों का लोड फैक्टर भी घट गया है। बताते हैं कि छह से सात प्रतिशत फैक्टर डाउन हुआ है। ऐसे में आय भी काफी कम आ रही है और अफसर यात्रियों की संख्या बढ़ाने का दबाव बनाते हैं। बस्ती डिपो में 36 अनुबंधित बसों की भी स्थिति खराब है। कम सवारी मिलने से आय का संकट गहरा गया है। चालक-परिचालक भी परेशान हैं। रूट पर अधिकांश बसों में सीट खाली रह जा रही है।
कोट
ठंड और गलन के कारण आम दिनों की तुलना में सवारी की आमद कम हुई है, जिससे रोडवेज की आमदनी में कमी आई है। तय रूट पर बसों को समय से भेज रहे हैं।
-आयुष भटनागर, एआरएम, बस्ती डिपो