बस्ती। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) सभागार में सोमवार को शिक्षकों के क्षमता संवर्धन हेतु शैक्षणिक गुणवत्ता एवं विद्यालयी परिवेश के उन्नयन में सामुदायिक सहभागिता की भूमिका विषय पर सेमिनार आयोजित हुआ। इसमें जनपद के सभी ब्लाॅकों से 75 से अधिक शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।
डायट प्राचार्य एवं मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक संजय कुमार शुक्ल ने कहा कि शिक्षकों को सामुदायिक सहभागिता से विद्यालय का विकास करना चाहिए। एक शिक्षक को सबसे पहले अपने मजबूत व कमजोर पक्षों का आकलन कर योजना बनाकर प्रत्येक कार्य को पूरी तत्परता एवं निष्ठा से करना चाहिए। कहा कि अपने स्थूल एवं सूक्ष्म गैप को पता करके सामुदायिक सहभागिता से विद्यालय एवं शिक्षा की गुणवत्ता में काफी सुधार किया जा सकता है।
प्रशिक्षण प्रभारी डायट प्रवक्ता डॉ. रविनाथ ने सभी शिक्षकों को आनंदमय वातावरण के सृजन से अपने कार्य को कुशलता पूर्वक संपादित करने के लिए प्रोत्साहित किया। राष्ट्रपति पदक प्राप्त शिक्षक सर्वेष्ट मिश्र ने विद्यालय विकास के दृष्टिकोण विकसित करने, स्वयं व संसाधनों के गैप का विश्लेषण करने तथा शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने में नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए अपने अनुभव साझा किया। उन्होंने मॉडल विद्यालय की संकल्पना को साकार करने की योजना बनाने की बात कही।
सेमिनार में शामिल कई शिक्षकों ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने, नामांकन बढ़ाने, स्थानीय संसाधनों व विभाग की भूमिका आदि विषय पर अपने विचार रखे। संचालन डायट प्रवक्ता अलाउद्दीन एवं डॉ. रविनाथ ने किया। इस मौके पर जिला समन्वयक स्वप्निल श्रीवास्तव, डॉ गोविन्द, इमरान खान, कुलदीप चौधरी, कल्याण पाण्डेय, वर्षा पटेल, वंदना चौधरी, सरिता चौधरी, अजय प्रकाश मौर्य, अमनसेन, डॉ ऋचा शुक्ला आदि मौजूद रहे।