संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। यूपी बोर्ड का सत्र शुरू हुए 115 दिन हो गए हैं, लेकिन जिले में कक्षा नौ से 12 तक के लगभग 1.5 लाख छात्र-छात्राओं को पढ़ने के लिए सस्ती किताबें नहीं मिल रही हैं। वे महंगी किताबें खरीदने को मजबूर हैं।
जिले में 401 स्कूल यूपी बोर्ड से संचालित हैं। इसमें 23 राजकीय, 70 सहायता प्राप्त और 308 वित्तविहीन स्कूल हैं। इसमें कक्षा नौ से बारह तक लगभग 1.5 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। नया सत्र शुरू हो चुका है, अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण कर रहे हैं। प्रधानाचार्यों, शिक्षकों को छात्र संख्या बढ़ाने और समय सारणी के अनुसार से पढ़ाने के लिए निर्देशित किया जा रहा है, लेकिन बोर्ड की एनसीईआरटी की किताबें बाजार में नहीं मिल रही हैं। इसके कारण अभिभावक छात्र-छात्राओं को महंगी किताबें खरीद रहे हैं।
वहीं शिक्षकों के सामने असमंजस की स्थिति बनी है कि बच्चों को कौन सी किताबें खरीदने के लिए कहें। किताब न मिलने के कारण शिक्षक पुरानी किताबों से पढ़ा रहे हैं।
माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष मारकंडेय सिंह ने बताया कि अधिकारियों के लापरवाही के कारण हर साल किताबें छात्र-छात्राओं को समय से नहीं मिलती हैं। इसके कारण पढ़ाई प्रभावित होती है। सरकार को चाहिए कि सत्र शुरू होने से पहले ही किताबें उपलब्ध हों ताकि बच्चे किताबें खरीदकर पढ़ाई शुरू सकें।
स्कूलों में सुचारू रूप से कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। अभी तक बोर्ड की ओर से किताबों को लेकर कोई नया दिशा निर्देश नहीं आया है। जैसे ही कोई आदेश मिलेगा। उसका पालन कराया जाएगा।
-जगदीश शुक्ला, डीआईओएस