संतकबीर नगर विद्युत निगम के एसई कार्यालय का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। विद्युत निगम के वितरण मंडल संतकबीरनगर में ई-निविदा से पूर्व ही काम करा लेने का मामला सामने आया है। इस खेल में शिकायतकर्ता ठेकेदार ने अधीक्षण अभियंता (एसई)कार्यालय में तैनात एक बाबू पर ठेके के नाम पर गुमराह करने व चहेतों को टेंडर देने का आरोप लगाया है। इस संबंध में पीड़ित ने मुख्य अभियंता से शिकायत कर कहा कि बिना टेंडर के ही उनसे काम करा लिया गया। भुगतान की बात कहने पर टेंडर निरस्त कर दिया गया।
विद्युत निगम के विद्युत वितरण मंडल संतकबीर नगर में एक ठेकेदार से बिना टेंडर के ही काम करा लिया गया। मामला निविदा संख्या 68 का है। इसी कार्य के लिए एक ठेकेदार को काम करने के लिए ई-टेंडर से चुना गया। अधीक्षण अभियंता कार्यालय में तैनात क्लर्क ने ठेकेदार को काम छोड़ने व बदले में दूसरा काम दिलाने का भरोसा देकर एक लेटर पैड पर काम करने में असमर्थ लिखवा लिया। लालच में ठेकेदार ने लिख दिया। मामला तब प्रकाश में आया जब ठेका संख्या 69 का बिना निविदा निकाले ही काम करा लिया गया। बाद में टेंडर निकाला गया और उसे निरस्त कर दिया गया। काम का भुगतान न मिलने से ठेकेदार ने मुख्य अभियंता आलोक रंजन सिंह के समक्ष मामले को उठाया। ठेकेदार ने बताया कि अधीक्षण अभियंता कार्यालय संतकबीर नगर में तैनात एक ठेका बाबू एक ठेकेदार को काम न मिलने पर ठेका निरस्त कर देता है।
इस बाबत मुख्य अभियंता आलोक रंजन सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। ठेकेदार ने अभी तक लिखित शिकायत नहीं की है। फिर भी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
पहले काम बाद में टेंडर की परंपरा
विद्युत वितरण मंडलों में पहले काम बाद में टेंडर की परंपरा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस परंपरा के तहत ठेकेदारों से काम करा लिया जाता है। फिर भुगतान के नाम पर ठेकेदार से मोटा कमीशन मांगा जाता है। निगम के समक्ष पूर्व में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। चहेतों को काम न मिलने पर ठेका तक निरस्त कर दिया जाता है।