बस्ती। मुख्य अभियंता कार्यालय पर विद्युत कर्मियों को विरोध प्रदर्शन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के जिला संयोजक अशर्फी लाल ने कहा कि विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने निर्णय लिया है कि पावर कॉरपोरेशन द्वारा विद्युत नियामक आयोग को भेजे गए निजीकरण के मसौदे के विरोध में संघर्ष समिति जन सुनवाई की सभी तारीखों पर नियामक आयोग के समक्ष आपत्ति दर्ज कराते हुए निजीकरण का निर्णय रद्द करने की मांग करेगी।
उन्होंने कहा कि निजीकरण के मसौदे पर बिंदुवार आपत्तियां तैयार करने के लिए एक उच्च स्तरीय तकनीकी समिति का गठन किया है। संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारी जनसुनवाई के दौरान सभी शहरों में उपस्थित रहेंगे और निजीकरण के विरोध में हर जगह आपत्ति दर्ज की जाएगी और निजीकरण निर्णय रद्द करने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि संघर्ष समिति के आह्वान पर लगातार 218 वें दिन बिजली कर्मियों का विरोध प्रदर्शन जारी है। बृहस्पतिवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान निजीकरण का विरोध कर स्वेच्छा से जेल भरो आंदोलन में सम्मिलित होने वाले कर्मचारियों की सूची बनाया जाना प्रारंभ हो गया है। विरोध प्रदर्शन में सत्य प्रताप सिंह, आशुतोष लहरी, अनुज कनौजिया, विजयपाल, अवनीश कुमार, अभिषेक कुमार, अजीत कुमार, राजकुमार, अजय पांडे आदि शामिल थे।