संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। दुर्गा पूजा समारोह की आखिरी रात बुधवार को श्रद्धालुओं के नाम रही। दिन ढलते ही समूचा शहर श्रद्धालुओं से भरने लगा। रात नौ बजते-बजते भीड़ इस कदर उमड़ी कि गली- मोहल्ले तक भर गए।
मुख्य सड़कों पर श्रद्धालुओं के आगे मोटर, गाड़ी निकलने की गुंजाइश नहीं थी। लोगों को संभल-संभल कर पैदल भी चलना पड़ा। जगह-जगह जगराता की धूम रही।
यदि इस भीड़ में कोई वाहन घुसा तो जहां-तहां उनके पहिए काफी देर के लिए थम जा रहे थे। भक्ति के उत्साह में लोग पैदल ही पूरे शहर को नापते नजर आए।
श्रद्धालु बिना रूके, बिना थके जयकारों की गूंज करते हुए चल रहे थे। चौक-चौराहा, बाजार, गली-मोहल्ले हर मेले की हलचल बनी रही। गांधीनगर, मंगलबाजार, सुर्तीहट्टा, जिला अस्पताल से दक्षिण दरवाजा मार्ग पर वाहन चलने की बिल्कुल गुंजाइश नहीं थी।
मालवीय मार्ग, कटरा, जामडीह, कोतवाली मार्ग पर काफी मशक्कत के साथ लोग वाहन लेकर निकल पाए। बुधवार की रात सधे कदमों से लोग देवी दरबार की ओर बढ़ते गए। श्रद्धा भाव ऐसा कि सामान्य दिनों में जिन सड़कों पर बिना वाहन के चलते नहीं बनता उन्हें पैरों से नाप दिया गया।
उमंग, उल्लास के आगे थकान महसूस नहीं हो रही थी। किशोर, व्यस्क तो भीड़ का हिस्सा थे ही महिलाएं और बच्चे भी साथ में कदमताल करते नजर आए।
गुरु वशिष्ठ की इस नगरी में देवी उपासना का उत्सव पूर्वांचल का सबसे बड़ा आयोजन बनकर उभरा है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार पूरे शहर में पांच लाख श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। पंडाल-पंडाल देवी दर्शन की होड़ मची है। जहां जगराता हुआ वहां लोग जमीन पर ही बैठ गए। शहर में हर तरफ से श्रद्धालुओं का झुंड आते हुए दिखाई पड़ा।
फव्वारा तिराहा से रोडवेज तक तीन किमी की दूरी में सड़क का दूसरा प्रमुख मार्ग हैं। यह मार्ग भी देवी पंडालों का अनोखा दृश्य संजोए हुए हैं। यहां भी खस्ताहाल सड़क पर भी पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही के नाते रह- रहकर पूरी रात जाम लग रहा। पुलिस को जाम में फंसे वाहनों को निकलवाने में पसीना बहाना पड़ा। रोडवेज तिराहे पर भगवती जागरण आयोजित हुआ। संयोजक सभासद प्रतिनिधि जीवन चौधरी लारा, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी ने अतिथियों संग पूजा-अर्चना कराया। इसके बाद भजन गायक समर सिंह और उर्मिला राज देवी गीतों की समां बांध दिया। यहां पूरी रात श्रद्धालु देवी गीतों पर झूमते नजर आए।