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व्यkवसायिक प्रतिष्ठान खुले, कम दिखे ग्राहक

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गांधीनगर सब्जी मंडी में किराने की दुकान पर ग्राहकों का इंतजार करते दुकानदार - फोटो : BASTI
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व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले, कम दिखे ग्राहक
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बस्ती। लॉकडाउन के चौथे चरण में जिले की स्थिति पूरी तरह सामान्य है। शासन के निर्देश पर प्रशासन ने प्रिटिंग प्रेस, स्टेशनरी आदि की दुकानों को खोलने के निर्देश दिए हैं। होटल, रेस्त्रां को होम डिलीवरी के निर्देश भी दिए गए हैं। सार्वजनिक निर्माण को हरी झंडी मिली है, मगर निजी निर्माण कार्य पर पाबंदी बरकरार है। सोमवार को दुकानें खुलीं, मगर सड़कों पर सामान्य दिनों की तरह भीड़भाड़ नहीं दिखी। जरूरत के लिए लोग घरों से बाहर आए, लेकिन कोरोना को लेकर सतर्कता बरकरार रही।
लॉकडाउन के चलते मुख्य बाजार गांधीनगर पूरी तरह बंद रहा। इसका कारण इस इलाके में बड़ी संख्या में कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। 16 मई को प्रशासन ने 28 दिन बीतने के बाद इस इलाके में एक की पॉजिटिव नहीं मिले। नतीजतन प्रशासन ने तुरकहिया, परसा जाफर, जमोहरा, मिल्लतनगर व गिदही खुर्द को ग्रीन जोन घोषित कर जिले को ऑरेंज क्षेत्र घोषित कर दिया। 17 मई को लॉकडाउन-4 की घोषणा हुई तो शहर के गांधीनगर सहित तमाम बाजार की दुकानों को कुछ दिशा-निर्देशों के साथ खोलने का फरमान जारी किया गया। व्यापारियों की उम्मीद के अनुसार ग्राहक बाजार तक नहीं आए। गांधीनगर के कंटेनमेंट इलाके की भी सब्जी मंडी व व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले, मगर छिटपुट ग्राहक ही आए।
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फोटो कॉपी की दुकान चलाने वाले आनंद मोहन शर्मा कहते हैं कि प्रशासन का निर्णय सराहनीय है। क्योंकि अब तक बाजार बंद होने से छोटे दुकानदारों की माली स्थिति खराब हो रही थी। धीरे-धीरे व्यापार बढ़ेगा। स्टेशनरी के दुकानदार रितेश कुमार अग्रहरि कहते हैं कि ऑनलाइन पढ़ाई का सिलसिला शुरू हो गया है। बच्चों के सामने कॉपी-किताब का संकट है। दुकानें खुल जाने से बच्चों के अभिभावकों को कॉपी-किताब के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। दुकान पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए कारोबार किया जाएगा।
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कंप्यूटर्स एंड टेलीकॉम सर्विसेज संचालित करने वाले राधेश्याम कहते हैं कि बाजार खुलने से राहत मिली है। कोरोना से सतर्कता बरतते हुए व्यापारियों को काम करना चाहिए। हाईवे पर होटल चलाने वाले पंकज सिंह कहते हैं कि होटल व रेस्त्रां अब भी बंद हैं, मगर होम डिलीवरी के लिए छूट मिलने से कारोबार चलने लगेगा। चूंकि कोरोना जैसी महामारी से लोगों को बचाने की जिम्मेदारी प्रशासन के कंधे पर है। ऐसे में जो भी निर्णय लिए गए हैं वह आमजन व व्यापार हित में हैं।
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